झांसी। नोएडा एसटीएफ और झांसी स्वॉट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के दौरान तीन बांग्लादेशियों को रक्सा तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के दौरान दो भाग निकले। इनके पास से दो तमंचा समेत दिल्ली से बना आधार कार्ड एवं ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी के मुताबिक बदमाश चुनाव के दौरान अवैध असलहे खपाने के इरादे से झांसी आए थे।
एसपी सिटी ने बताया कि स्वॉट टीम ने इन बदमाशों को नोएडा एसटीएफ की मदद से शुक्रवार देर रात ग्वालियर रोड पर रक्सा तिराहा के पास नहर पटरी पर घेरा था। पुलिस के पहुंचने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन पुलिस ने बचाव करते हुए तीन बदमाशों को पकड़ लिया जबकि दो बदमाश मौके से भाग गए।
पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम सुलेमान (30) उर्फ जिलमन निवासी कुंवरखली जिला भगरठ खुलना बांग्लादेश, अलामीन उर्फ मिंटू (37) निवासी मोरल एवं जाकिर खान उर्फ असलम (32) निवासी भागेरहट बांग्लादेश बताया। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह अवैध असलहों को खपाने के लिए यहां आए थे। पुलिस ने अलामीन के पास से संभालपुर गुजरान करावल, उत्तरी पूर्वी दिल्ली के पते पर बना आधार कार्ड बरामद किया। गाजियाबाद का बना ड्राइविंग लाइसेंस भी बदमाशों के पास से मिला है। बदमाश फरक्का जिले की ओर से बार्डर पार करके भारत में दाखिल हुए थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम मेें एसटीएफ (नोएडा) के परमवीर कुमार त्यागी, स्वॉट प्रभारी सुरेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी ग्वालियर रोड अजय भदौरिया, अमरपाल सिंह समेत अन्य शामिल रहे।
झांसी से आधार कार्ड बनवाने की फिराक में थे बदमाश
पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्होंने दिल्ली में एक गुरूजी की मदद से फर्जी कागजों के जरिए आधार कार्ड बनवा लिया था। उत्तरी पूर्व दिल्ली के पते पर अलामीन को 731755886961 नंबर का आधार कार्ड भी जारी हो गया। अब शेष दो लोगों के लिए झांसी से आधार कार्ड बनवाने की फिराक में थे। इसके लिए उसने दिल्ली में गुरूजी से संपर्क किया था। उनको दस दिन तक इंतजार करने के लिए कहा गया था। बदमाशों का कहना था कि झांसी से आधार कार्ड बनवा कर यहीं से अवैध असलहे चुनाव के समय खपाना था। आधार कार्ड बन जाने से पुलिस की नजर से भी वह बचे रह सकते थे।
चार हजार खर्च करके गाजियाबाद में बनवाया था फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस
पूछताछ में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले खेल का भी खुलासा हुआ। बदमाशों ने पुलिस का बताया कि उन्होंने गाजियाबाद में एजेंट के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल किया था। उनके पास कोई भी जरूरी कागज नहीं थे। एजेंट ने चार हजार रुपये में उनको लाइसेंस बनाकर दे दिया। इसी लाइसेंस का उन लोगों ने कई जगह पहचान पत्र के तौर पर की थी।