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जुर्माने के डर से पहनने लगे हेलमेट, बढ़ी बिक्री

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जुर्माने के डर से पहनने लगे हेलमेट, बढ़ी बिक्री
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झांसी। यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की रकम कई गुना बढ़ जाने के चलते लोग डर से हेलमेट पहनने लगे हैं। प्रशासन की सख्ती का असर महानगर में साफ दिखने लगा है। महानगर की दुकानों से लेकर सड़कोें पर हेलमेट खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई है। आलम यह है कि कई दुकानों पर तो कंपनी के हेलमेट तक नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते लोग पुलिस से बचने के लिए हर तरीके के हेेलमेट खरीद रहे हैं।
एक सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट में भले ही बदलाव किया गया है। जिसके तहत हेलमेट न पहनने वालों पर एक हजार रुपये जुर्माना व तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड होगा। हालांकि, नया नियम महानगर में अभी लागू नहीं हुआ है, लेकिन इसकी तैयारी है। नए नियम का पालन कराने के लिए पुुलिस ने बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान भी छेड़ रखा है, लेकिन इसका असर लोगों में नजर आने लगा है। कई गुना जुर्माना वसूले जाने के डर से लोग हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे हैं। शहर के मानिक चौक, जीवनशाह तिराहा, सीपरी बाजार व सदर बाजार स्थित हेलमेट की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। हेलमेट खरीदने वालों में महिलाओं और युवाओं की संख्या अधिक है।
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कंपनी के हेलमेट की मांग में जमकर इजाफा हुआ है। पूर्व में कंपनी के हेलमेट 700 से 900 रुपये के बीच मिल रहे थे, लेकिन अचानक डिमांड बढ़ जाने के कारण स्टॉक भी कम हो गया है। कुछ दुकानों पर हेलमेट न मिलने के कारण लोग अन्य स्थानों पर तलाश करते नजर आए।
गुणवत्ता से न करें समझौता
देखा जाता है कि ज्यादातर लोग सुरक्षा की दृष्टि से कम, चालान से बचाने के लिए सस्ता हेलमेट पहनकर निकलते हैं, जो गलत है। सस्ते हेलमेट घटिया प्लास्टिक के बने होते हैं, जो जरा से दबाव से ही टूट जाते हैं। अगर दुर्घटना हो जाए, तो यह आपके सिर की सुरक्षा नहीं कर पाते और आपको लंबा समय बिस्तर पर बिताना पड़ता है। महंगे और आईएसआई मार्का हेलमेट मजबूत फाइबर से बने होते हैं, जो तेज दबाव में नहीं टूटते। यह दुर्घटना के समय सिर की पूर्ण सुरक्षा करते हैं, जिससे जीवन बच जाता है।
कुछ सावधानी है जरूरी
हेलमेट पहनते समय कुछ सावधानियां जरूरी है। अगर इसका आकार सिर से बड़ा है तो इसे बदल दें। हेलमेट अगर ढीला होगा तो दुर्घटना के समय यह सिर से निकल सकता है और सिर में गंभीर चोट आ सकती है। इसे पहनने के बाद इसकी पट्टी जरूर लगा लें। हेलमेट पहनते समय सिर पर कपड़ा जरूर बांधे, इससे बैलेंस बना रहता है। हेलमेट को समय - समय पर धोते जरूर रहें। इसमें लगे हानिकारक बैक्टीरिया, सिर, आंख, त्वचा में संक्रमण कर सकते हैं। कोशिश करें कि किसी दूसरे का हेलमेट न इस्तेमाल करें। अपने पर्सनल उपयोग के लिए अलग हेलमेट रखें।
सेहत का भी ध्यान रखता है हेलमेट
हेलमेट कानों की सेहत का भी ख्याल रखता है। कानों में पड़ने वाला तेज शोर धीमा होकर पहुंचता है, जिससे कानों की मांसपेशियों पर बुरा असर नहीं पड़ता। हेलमेट न पहनने से तेज शोर, धूल मिट्टी आदि से कान की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। हेलमेट ध्यान क्रेंदित करने का भी काम करता है।
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पुलिस से बचने के लिए नहीं बल्कि अपने सिर व जान की हिफाजत के लिए हेलमेट जरुर पहनें। हेलमेट न पहनने के कारण हर साल सैकड़ों मौतें होती हैं। ऐसे में हेलमेट आपकी जिंदगी की भी हिफाजत करता है।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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