भाजपा जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस राजनीतिक दल ने दशकों तक शासन कर हमेशा किसान को अंधकार और गरीबी में रखा, उन्हें कृषि कानून द्वारा किसानों के हित में किया गया बदलाव अच्छा नहीं लगा। इसलिए वे सड़क से संसद तक इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह बात पत्रकारों से कही। शनिवार को वह भाजपा के मंडल प्रभारियों की बैठक व रक्सा में आयोजित किसान पंचायत में हिस्सा लेने झांसी आए थे।
उन्होंने कहा कि पहले हमारे किसानों का बाजार सिर्फ स्थानीय मंडी तक सीमित था, उनकी फसल के खरीदार सीमित थे। बुनियादी ढांचे की कमी थी और मूल्यों में पारदर्शिता नहीं थी। इस कारण उन्हें अधिक परिवहन लागत, लंबी कतारों, नीलामी में देरी और स्थानीय माफिया की मार झेलनी पड़ती थी। बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। इस कानून से कृषि क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आएगा। खेती किसानी में निजी निवेश होने से तेज विकास होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने से देश की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी। किसानों का एक देश- एक बाजार का सपना भी पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस पैकेज से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। मोदी सरकार मार्केट लिंकेज स्थापित करने के लिए एक्ट लाई है तो विरोधी स्वामीनाथन रिपोर्ट को नहीं मानना चाहते हैं।