अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन 450 दवाएं और इंजेक्शन खरीदता है। इस सूूची में अब 18 दवाएं और जुड़ गईं। ये दवाएं सर्दी में बढ़ रहे हार्टअटैक और ब्रेन हेमरेज आदि के रोगियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं। इसके अलावा, 17 दवाओं की मांग के लिए भी मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है। सर्दी में हार्टअटैक, ब्रेन हेमरेज आदि के रोगियों की संख्या बढ़ने पर 25 टेनेटिफेस इंजेक्शन मंगा लिए गए हैं, जिसकी सरकारी खरीद रेट 19 हजार रुपये बताई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन 13 करोड़ रुपये की लागत से 450 से ज्यादा तरह की दवाएं खरीदता है। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि इस बार कॉलेज प्रशासन ने दवाओं की इस सूची में 18 और जीवनरक्षक दवाएं और इंजेक्शन जोड़ लिए हैं। डॉक्टर बताते हैं कि सर्दी में हार्टअटैक, ब्रेन हेमरेज और नसों में खून जमने के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इन रोगियों की जान बचाने में तत्काल टेनेटिफेस दवा का इंजेक्शन बड़ी भूमिका निभा सकता है जो नसों में जमे रक्त के थक्के को खोलता है। इसकी सरकारी खरीद की ही कीमत 19 हजार रुपये है। परिजनों को यह इंजेक्शन बाजार से लेना पड़ता था। महंगा होने की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर तीमारदार इसे खरीदने से बचते थे। साथ ही बाजार से लाने में जीवनरक्षक समय भी बर्बाद होता था। इस समस्या का निदान करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने टेनेटिफेस इंजेक्शन को शामिल कर लिया है।
वहीं, बोन मैरो और कैंसर रोग में इस्तेमाल किए जाने वाला ट्रिपर टोजोपैक्टम, हार्ट अटैक में प्रयोग किए जाने वाला इनोक्सा पैरिन इंजेक्शन के साथ-साथ हिपेरिन इंजेक्शन, एंटीबायोटिक मेरोपेनम, डिजटोक्सिया, एंटीबायोटिक इंजेक्शन इनीपैनम आदि को शामिल किया है।
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मेडिकल कॉलेज की दवाओं की लिस्ट में 18 जीवनरक्षक इंजेक्शन व नई एंटीबायोटिक्स दवाएं को शामिल किया गया है। हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज आदि के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए 25 इंजेक्शन टेनेटिफेस व इनोक्सा पैरिन भी शामिल हुए हैं, जो इमरजेंसी व आईसीयू में रखवा दिए हैं। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस मेडिकल कॉलेज