अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। साइबर ठगी करते झांसी से पकड़े गए युवकों ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली बातें पुलिस के सामने उगली हैं। खुद को पुलिस के चंगुल में आने से बचने के लिए मामूली रकम देकर उनके बैंक खाते किराए पर ले लेते थे। ठगी के बाद पैसा उन्हीं खातों में मंगाया जाता था। पुलिस ने किराये पर बैंक खाता देने वाले दो युवकों को भी पकड़ा है।
शेयर बाजार में मुनाफा कराने का झांसा देकर कुछ युवकों ने गिरोह बनाकर हैदराबाद समेत आसपास के इलाकों में 1.40 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इनमें कुछ युवक झांसी के हैं। बदमाशों को तलाशते हुए हैदराबाद पुलिस यहां पहुंची। पुलिस ने छापा मारकर दाऊ समोसे वाली गली से सौरभ रायकवार, तिलयानी बजरिया से कोकव शेरवानी, तलैया मोहल्ला में आबिद खान एवं सैंयर गेट निवासी तरुण उपाध्याय को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने बाकायदा एक सर्वर बना रखा है। इसी के माध्यम से पूरा ग्रुप आपरेट होता है। वहीं, जरूरतमंदों का बैंक में खाता खुलवाते हैं। उसके बाद उसकी पासबुक एवं एटीएम अपने पास रख लेते हैं। ठगी का शिकार बनाने के बाद इन खातों में पैसा ट्रांसफर कर देते हैं। खाता लेने के बदले हर महीने 10-15 हजार रुपये किराए के तौर पर खाताधारक को देते हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बैंक खाते का गलत इस्तेमाल होना पाया गया। इस मामले में हैदराबाद पुलिस छानबीन कर रही है।