अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 220 केवी डबल सर्किट लाइन का टावर गिरने से बिजली आपूर्ति चरमरा गई। इसके चलते सप्ताह भर बिजली संकट रहने की आशंका है। कारण साफ है टावर दोबारा खड़ा करने में करीब 10 दिन से अधिक का समय लगने का अनुमान है। फिलहाल विभाग ललितपुर थर्मल पावर प्लांट से आपूर्ति लेकर सप्लाई कर रहा है मगर इससे लो वोल्टेज व आपात कटौती की समस्या सामने आ रही है।
बिजली निगम की माने तो शहर समेत आसपास के 24 बिजलीघरों के डेढ़ लाख से अधिक उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति हांसरी 132 केवी और दुनारा 220 केवी बिजलीघर से होती है। यही नहीं शहर के 16 और ग्रामीण क्षेत्र के 8 33 केवी उपकेंद्र को आपूर्ति की जाती है।
पारीछा पावर प्लांट से 220 केवी डबल सर्किट लाइन के माध्यम से दुनोर बिजलीघर को आपूर्ति होती थी मगर 12 मई को आए चक्रवात में 220 केवी लाइन का टावर धराशायी हो गया जिसके कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट उत्पन्न हो गया।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट से बिजली ली जा रही है। यह प्लांट झांसी से करीब 90 किलोमीटर दूर है। लंबी दूरी के कारण बिजली ट्रांसमिशन में वोल्टेज ड्रॉप हो रहा है जिससे लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में दिन में कई घंटों की आपात कटौती की जा रही है। इस कारण लोगों में आक्रोश है। गर्मी के मौसम में यह संकट आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है।
इंसेट
अफसरों ने बैठक में तैयार की रणनीति
अलीगढ़। बिजली निगम के ट्रांसमिशन, वितरण और थर्मल पावर प्लांट के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के विषय पर चर्चा हुई। करीब दो घंटे चली बैठक में मुख्य अभियंता केपी खान ने बताया कि पावर ट्रांसफार्मर के टैप बढ़ाए जाएंगे। यही नहीं यूपी एसएलडीसी से समन्वय स्थापित कर ग्रीड का वोल्टेज बढ़वाया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।
वर्जन
220 केवी लाइन का टावर गिरने बिजली का संकट उत्पन्न हुआ है। क्षति का आंकलन कर लिया गया है और मरम्मत कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। फिलहाल ललितपुर से वैकल्पिक आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि क्षमता सीमित होने के कारण पूर्ण भार नहीं लिया जा सकता।
पुष्कर सिंह, एसई, शहर