संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शहर के मुख्य मार्गों पर लटक रहीं बिजली की जर्जर लाइनें खतरा बनी हैं। इनकी गार्डिंग (लोहे के तार की जाली) न होने से तार अक्सर टूटकर सड़क पर गिर जाते हैं। ऐसे में जहां हादसे हो जाते हैं तो वहां भगदड़ की स्थिति होती है। अब बारिश के दिनों में खतरा और बढ़ेगा।
जर्जर तारों में बारिश का पानी जाने से तार के गर्म होकर टूटने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। सड़कें गीली होने से करंट फैलने का भी खतरा और बढ़ेगा, लेकिन इससे निपटने की विभाग की अभी से कोई तैयारी नहीं है। विद्युत सुरक्षा के मानकों के अनुसार मुख्य सड़कों के साथ आबादी वाले क्षेत्रों के बीच से गुजरने वाली हाइटेंशन लाइनों के नीचे लोहे के तारों की गार्डिंग कराई जानी चाहिए, ताकि फाल्ट की वजह से यदि कोई एचटी लाइन का तार टूटकर नीचे गिरता है तो वह गार्डिंग के सुरक्षा घेरे पर ही लटकता रहे, लेकिन पूरे शहर में ऐसे कई मुख्य मार्ग और आबादी क्षेत्र हैं, जहां से लाइन बगैर गार्डिंग के गुजर रही है।
दुनारा से गल्ला मंडी के लिए आई 33 केवी लाइन, जो आरटीओ तिराहे के पास क्रॉस हुई, लेकिन यहां भी गार्डिंग (सुरक्षा कवच) नहीं है। इलाहाबाद बैंक चौराहा और चंद्रशेखर मूर्ति के पास आयकर भवन के पास गार्डिंग नहीं है। यह 33 केवी लाइन है। 11 केवी के लाइनों पर कई जगह गार्डिंग नहीं है।
ये हैं मानक
-बिजली की लाइन रोड क्रास कर रही है तो उसके नीचे गार्डिंग जरूरी।
-ट्रांसफार्मर चबूतरे पर रखा जाए और चारों ओर जाली जरूर लगी हो।
-ट्रांसफार्मर पर टीपीओ स्विच लगा हो, ताकि फाल्ट होने पर ट्रिप हो जाए।
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- मुख्य मार्गों पर गार्डिंग है, लेकिन जहां नहीं है, उसकी जांच कराकर गार्डिंग (सुरक्षा कवच) कराई जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील है कि बारिश के समय ट्रांसफार्मर और पोल आदि से दूर रहें और जानवरों को भी दूर रखें। - चंद्रजीत प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल, झांसी