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प्लास्टिक सर्जरी : चर्बी कम करने, चेहरे से निशान हटाने की बढ़ रही चाह

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। बुंदेलखंड में प्लास्टिक और लेजर सर्जरी से खुद को आकर्षक दिखाने की चाह बढ़ रही है। यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी आ रहे हैं। हर सप्ताह करीब 15 लेजर सर्जरी और हर माह चार-पांच प्लास्टिक सर्जरी हो रही है।

मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक सेंटर का शुभारंभ 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कोरोना महामारी में यह कोविड अस्पताल में तब्दील हो गया। कोरोना खत्म होने के बाद इसमें यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियक, नेफ्रोलॉजी के साथ-साथ प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी और सर्जरी शुरू कर दी गई। प्लास्टिक सर्जरी विभाग में री-कंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जरी होती है।
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री-कंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी

इसमें रोगियों के अंग-भंग को पूर्ववत आकार दिया जाता है। जैसे किसी का होंठ कटा है, तो उसे ठीक किया जाता है। नाक का आकार बिगड़ा है या कान नहीं बना है, तो उसे सही आकार दिया जाता है।



कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जरी

लोग अपने को आकर्षक (स्मार्ट) दिखाने के लिए सर्जरी कराते है। कोई अपनी नाक, सीना, कमर आदि सही आकार में करवाने आता है तो कोई होंठ पतले अथवा काले दाग खत्म कराने आता है।



चिकित्सक ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक मशीनें हैं, जिनके माध्यम से उपचार किया जाता है। इसमें अनचाहे बाल, चेहरे के दाग-धब्बे, नसों के निशान और गुच्छे, जलने से हुआ दाग आदि समस्या का सहज उपचार किया जाता है। वह बताते हैं कि ओपीडी में सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए लोग लाईबोसक्शन (चर्बी को निकलवाना), राइनोप्लास्टी (नाक का आकार सही कराना), फैट ग्राफ्टिंग (चेहरे आदि जगह पर गड्ढे को भरवाना), स्कार रिविजन (चेहरे के निशान हटवाना), एबडोमिनोप्लास्टी (बच्चों के जन्म लेने के बाद पेट व कमर में जमा चर्बी हटवाना), लिपोसक्शन (जांघों, बाहों व गर्दन से चर्बी हटाना) सर्जरी कराने के लिए आते हैं, जिनमें महिला ही नहीं पुरुष भी होते हैं।
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लेजर सर्जरी से काले दाग और चकत्ते का भी उपचार

मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक लेजर मशीन से खून की नसों के गुच्छे, काले दाग, चकत्ते तथा कई तरह के चर्म रोगों आदि का बेहतर उपचार किया जाता है।



0-वर्जन

मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में री-कंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी के साथ-साथ कॉस्मेटिक सर्जरी कराने के लिए लोग आते हैं। हर सप्ताह 15 से ज्यादा लेजर सर्जरी और हर माह पांच से ज्यादा प्लास्टिक सर्जरी हो रही है। इनमें महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी शामिल हैं। अधिकतर लोग फैट निकलवाकर शरीर की बनावट सही कराते हैं। - डॉ. सुधीर कुमार, प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष
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