संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गंभीर रोगों से ग्रसित पशुओं के जटिल ऑपरेशन का जनपद के पशु अस्पतालों में इंतजाम नहीं है। इसके लिए पशु पालकों को बाहरी जनपदों की ओर रुख करना पड़ जाता है, जिसमें उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ती है। पैसा भी अतिरिक्त खर्च होता है।
जनपद में 23 पशु अस्पताल हैं। इसके अलावा 39 पशु सेवा केंद्र भी हैं। साथ ही 20 पशुधन प्रसार अधिकारी भी नियुक्त हैं। इसके बावजूद, जिले में पशुओं के प्राथमिक उपचार का ही बंदोबस्त है। यहां बीमार पशुओं के लिए दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जाती है। साथ ही गर्भाधान की सुविधा भी हैं। लेकिन, गंभीर रोगों से ग्रसित पशुओं के जटिल ऑपरेशन की यहां व्यवस्था नहीं है। इस तरह के ऑपरेशन कराने के लिए पशुपालकों को अपने पशु दतिया व आसपास के अन्य जनपदों में ले जाने पड़ते हैं।
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झांसी में पशुओं का एक बड़ा अस्पताल शासन की योजना में शामिल है। इसके बन जाने से यहां हर तरह के इलाज की सुविधा पशुओं को मिलेगी। - डॉ. संजय कुमार सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी