अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मानसूनी सीजन को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने समय पर टेंडर हो चुके नालों की सफाई का काम हर हाल में 31 मई तक पूरा करवाने के निर्देश दिए थे। समय सीमा खत्म होने के बाद भी कई नालों की सफाई का काम जारी है। निगम के निर्माण और स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सफाई सही से करवाई जा रही है मगर क्षेत्रवासी इससे संतुष्ट नहीं हैं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि नालों की सफाई में सिर्फ खानापूर्ति हुई है।
दो दिन पहले हुई आधे घंटे की बारिश में सीपरी बाजार समेत कई इलाकों में नाले का कचरा उफना गया था। सोमवार को पड़ताल के दौरान अमर उजाला की टीम से किसी ने कहा कि नालों की ऊपरी तौर पर गंदगी हटाई गई तो किसी ने कहा कि सिल्ट सफाई नहीं हुई है। ऐसे में बारिश के दौरान फिर से नगर के कई इलाकों में जलभराव का संकट झेलना पड़ सकता है। दरअसल, झांसी में मानसूनी सीजन 15 जून से 15 सितंबर तक होता है। नगर निगम ने इस बार अप्रैल से ही नालों की सफाई का काम शुरू करवाया है। 12 नालों की सफाई निर्माण विभाग और 35 छोटे और तीन बड़े नालों को साफ करवाने का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है। वहीं, बड़ागांव गेट स्थित अन्नपूर्णा कॉलोनी की नालियों में गंदगी भरी पड़ी है और उनके स्लैब टूट गए हैं। लोगों की शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
नाला सफाई के कामों को टेंडर के जरिये कराया गया है। जहां सफाई नहीं हुई है, वहां संबंधित कर कार्रवाई की जाएगी। - बिहारी लाल आर्य, मेयर
सफाई कर्मी आए थे, मलबा किनारे कर चले गए
सैय्यद नगर में नाला में मलबा आदि नहीं हटाया है। सुमन श्रीवास्तव ने कहा कि सफाई कर्मी आए जरूर थे मगर वो नाले के अंदर एक किनारे मलबा करके चले गए। नाले में गंदगी भी सही से साफ नहीं की। कादिर खान ने भी बताया कि नाले की सही से सफाई नहीं की गई है।
हर साल गंदगी साइफन में जमने से भरता पानी
राजघाट नहर के नीचे छह साइफन लगे हैं। हर बार नाला की सही से सफाई न होने से बारिश के दौरान कचरा साइफन में जमा हो जाता है। पानी आगे नहीं जाने से जलभराव होने लगता है। अभी यहां पर भी गंदगी जमा हुई है। सुमन श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे में बारिश हुई तो आसपास के इलाके में पानी भर सकता है।
अब बारिश में बहुत परेशानी हो सकती
नंदनपुरा से रसबहार कॉलोनी के नाला में भी सिल्ट जमा है। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मियों ने ऊपरी तौर पर गंदगी तो साफ कर दी मगर उसे नाला की पुलिया के बगल में डालकर चले गए। सोनू का कहना है कि सफाई सही से नहीं हुई है। अब बारिश में बहुत परेशानी हो सकती है।
हर साल नाला उफनाने से भरता है पानी
ताज कंपाउंड के नाले के बगल में ही कचरा पड़ा मिला। ऐसे में बारिश होते ही ये कचरा फिर से नाले में चला जाएगा। एमएस अंसारी ने बताया कि हर साल नाला उफनाने से क्षेत्र में जलभराव होता है। इस बार भी नाला सफाई के नाम पर औपचारिकता की गई है।