झांसी। पथरई व लखेरी बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों किसानों का धरना शनिवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त हो गया। हालांकि, इस बीच गर्मी से तीन किसानों की तबीयत बिगड़ गई। बाद में उनका जिला अस्पताल में उपचार कराया गया।
सिंचाई विभाग के बेतवा भवन कार्यालय में बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष गौरीशंकर बिदुआ के नेतृत्व में दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। दोपहर के समय एडीएम (राजस्व) उमेश नारायण पांडे व एसडीएम सदर भगवान शरण किसानों की सुध लेने पहुंचे। इस दौरान पंचायत के अध्यक्ष ने अधिकारियों को बताया कि पथरई व लखेरी बांध के प्रभावित किसानों के बालिग परिवारों को अनुकंपा राशि एवं पेड़, बंधी, कुआं आदि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि पथरई बांध के प्रभावित ग्राम विजयगढ़, मजरा, बगरौनी, इमिलिया के किसानों के बालिग परिवारों को अनुकंपा राशि एवं प्लाट वितरित किए जाएं। लखेरी बांध में प्रभावित ग्राम रेवन के डूब क्षेत्र के किसानों का सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को पेड़ बंधी, कुआं, मकान एवं बालिग परिवार को अनुकंपा राशि एवं मुआवजा दिया जाए।
इस पर दोनों अधिकारियों ने लखेरी बांध के प्रभावित किसानों की देनदारियों को चुकता करने के लिए पंद्रह दिन व पथरई बांध के लिए एक माह का समय मांगा। अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। वार्ता के दौरान सिंचाई विभाग पंचम खंड के अधिशासी अभियंता कमलेश्वर सिंह, देवी सिंह कुशवाहा, राम सिंह जादौन, गोविंद सिंह परिहार, बृज मोहन अहिरवार, मुकेश पटेल, विवेक जैन, हरीश खरे आदि मौजूद थे।
वहीं, लगातार धूप में बैठने से किसान ओमप्रकाश पाल, मुकुंदी अहिरवार व हरदास अहिरवार की तबीयत खराब हो गई। बाद में तीनों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।