अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कोतवाली के अंजनी माता मंदिर के पास रहने वाले वीरेंद्र अहिरवार (45) ने पत्नी एवं बच्चों को कमरे में बंद कर फंदा लगाकर जान दे दी। शोर मचाकर पत्नी ने कमरे का दरवाजा खुलवाया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसके शव को नीचे उतरवाया। परिजनों का कहना है कि मामूली बात पर दंपती के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद वीरेंद्र ने आत्मघाती कदम उठाया। उसकी मौत से परिजनों में रोना-पिटना मचा है।
मूल रूप से थाना उल्दन के मगरपुर गांव निवासी वीरेंद्र जीविकोपार्जन के लिए प्राइवेट काम करता था। परिजनों ने बताया कि करीब आठ माह पहले वह अंजनी माता मंदिर के पास किराये का मकान लेकर पत्नी गुड़िया समेत दो बेटे कबीर एवं राज के साथ रहने आया था। वीरेंद्र शराब पीने का आदी था। होली पर परिवार के साथ गांव गया था। बृहस्पतिवार को वीरेंद्र ने काफी शराब पी ली। इसके बाद पत्नी एवं बच्चों से तुरंत झांसी चलने की जिद करने लगा। उसके अत्यधिक नशे में होने से पत्नी ने बाइक से चलने से इन्कार कर दिया। इसको लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। वीरेंद्र जबरन सबको लेकर झांसी चला आया।
पत्नी गुड़िया के मुताबिक शुक्रवार रात वीरेंद्र ने ऑमलेट बनवाया। इसके बाद बच्चों के साथ वह सो गईं। शनिवार सुबह करीब 5 बजे नींद टूटने पर कमरे का दरवाजे बाहर से बंद था। वीरेंद्र कमरे में नहीं था। आवाज लगाने पर भी जब कमरा नहीं खुला, तब शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। मकान की ऊपरी मंजिल का कमरा भी अंदर से बंद था। इस कमरे में वीरेंद्र का शव फंदे से झूल रहा था। कोतवाल विद्यासागर सिंह के मुताबिक दंपती के बीच आपसी विवाद की वजह सामने आई है। वीरेंद्र शराब पीने का भी आदी था।