बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीते दिनों बीटेक छात्रों के बीच हुए विवाद के मामले में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने दोषी पाए गए आधा दर्जन से अधिक छात्रों को चिह्नित कर लिया है। कार्रवाई के लिए मामले की रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी गई है।
सोमवार को हुई प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक के दौरान छात्रों द्वारा दर्ज कराए गए बयान पढ़ने के बाद विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा शिक्षकों, वार्डनों से भी पूछताछ हुई। कुलानुशासक प्रो. एमएल मौर्या ने बताया इंट्रोडक्शन को लेकर शुरू हुई कहासुनी बाद में बड़े विवाद में तब्दील हो गई। कई बिंदुओं पर पड़ताल करने के बाद इंट्रोडक्शन लेने वाले चार से पांच छात्रों और क्लास से एक स्टूडेंट्स को उठा कर लाने में तीन छात्रों को दोषी माना गया है। छात्रों के नामों का उल्लेख करते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) को सौंप दी है। वहीं, इसको पढ़ने के बाद डीएसडब्ल्यू ने भी रिपोर्ट को कुलपति के पास कार्रवाई हेतु भेज दिया है। अब जल्द ही वीसी इस मामले में एक्शन ले सकते हैं। बैठक में डीएसडब्लू प्रो. सुनील काबिया, प्रो. वीपी खरे, वार्डन डॉ. एके गिरी, डॉ. विनीत कुमार आदि मौजूद रहे।
निष्कासन तक की हो सकती कार्रवाई
जानकारों ने बताया कि आरोपी मिले छात्रों के खिलाफ निष्कासन तक की कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा यदि बीयू प्रशासन थोड़ी नरमी बरतता है तो छात्रों को एक साल या फिर कुछ महीनों के लिए निलंबित किया जा सकता है।
नशेबाजों की एंट्री पर कैसे लगेगी रोक ?
अराजकता का अड्डा बन चुके बीयू के हॉस्टलों में रात को शराब पीकर आने वाले छात्रों पर कैसे रोक लगेगी, इस पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई है। विवाद के दिन भी सिक्योरिटी गार्डों ने बीयू अधिकारियों से शिकायत की थी कि समता समेत विभिन्न हॉस्टलों में प्रतिदिन देर रात को छात्र बाहर से शराब पीकर आते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।