संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेल कोच नवीनीकरण कारखाना में जर्मन मशीनों के सहारे ट्रेनों की एयर ब्रेक क्षमता परखी जाएगी। इसके लिए खास तौर पर टेस्टिंग लैब बनाई गई है। एलएचबी कोच के एयर ब्रेक की मरम्मत के बाद यहां उनको लाया जाएगा। इस लैब के बनने से एक छत के नीचे एयर ब्रेक की टेस्टिंग सहित मरम्मत के कार्य भी कराए जा सकेंगे।
एलएचबी कोच के एयर ब्रेक की मरम्मत नवीनीकरण कारखाना में होती है। छह चरणों में होने वाले इस कार्य के लिए अलग से टेस्टिंग लैब बनाई गई है। रेल कोच नवीनीकरण कारखाना के मुख्य प्रबंधक अतुल कनौजिया ने बताया कि एलएचबी कोच के एयर ब्रेक को खोलकर उनकी मरम्मत होती है। खराब उपकरण बदलने के बाद टेस्टिंग लैब में मशीन से डिस्ट्रीब्यूटर वॉल्व डीबी), ब्रेक सिलेंडर, ब्रेक एक्सीलेटर, डंप वॉल्व, लेवलिंग ब्लॉक सहित छह चरणों में टेस्टिंग होती है। इसमें पास होने के बाद कोच में एयर ब्रेक लगाए जाते हैं। इनकी क्षमता को सटीक तरीके से आंकने के लिए यहां जर्मन मशीनें लगाई गई हैं। एक दिन में दो से तीन कोच के एयर ब्रेक लगाए जाते हैं।