झांसी। मऊरानीपुर-रोरा रेल लाइन दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद बुधवार रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने निरीक्षण किया। ट्रॉली के जरिए उन्होंने नवनिर्मित रेलखंड का निरीक्षण किया। साथ ही 120 किलोमीटर प्रति घंटा से स्पीड ट्रॉयल कराकर ट्रैक की गुणवत्ता परखी।
झांसी-मानिकपुर रेलखंड दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत चल रहे मऊरानीपुर-रोरा (11 किलाेमीटर) दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। नवनिर्मित रेल लाइन का सीआरएस प्रणजीव सक्सेना ने निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने रोरा स्टेशन से करते हुए स्टेशन मास्टर कक्ष, रिले रूम, बैटरी रूम, सिग्नल एवं दूरसंचार व्यवस्थाओं सहित विभिन्न संरक्षा एवं परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। ट्रॉली पर सवार होकर रोरा एवं मऊरानीपुर रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पथ की गुणवत्ता, ट्रैक जियोमेट्री, प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग, पुल, समपार फाटकों तथा अन्य संरक्षा संबंधी तकनीकी मानकों को देखा और अफसरों को दिशा-निर्देश दिए। साथ ही ट्रैक की गुणवत्ता को परखने के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर स्पीड ट्रॉयल कराया। निरीक्षण के मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अजीत सिंह यादव तथा डीआरएम अनिरुद्ध कुमार समेत निर्माण संगठन और मंडल के वरिष्ठ अफसर उपस्थित रहे। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण सफल रहा है। सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद मऊरानीपुर-रोरा रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।