धनतेरस पर सुभाष गंज में खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने गई एफडीए की टीम के साथ व्यापारियों ने शोरशराबा व धक्कामुक्की कर अभद्रता करने की कोशिश की। व्यापारियों के विरोध के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इसके कुछ घंटे बाद ही भारी पुलिस बल के साथ बाजार में दुबारा छापा मारा। मगर, टीम के पहुंचने से पहले ही दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया। बाजार में एक घंटे की परेड के बाद टीम के अधिकारी तेल का एक ही सैंपल भरने में सफल हो सके। देर रात एफडीए की ओर से व्यापारियों के खिलाफ कोतवालीमें तहरीर दी गई।
शुक्रवार की दोपहर दो बजे नगर मजिस्ट्रेट आर के श्रीवास्तव के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग (एफडीए) की टीम सैंपल भरने सुभाष गंज पहुंची। शुरूआत चौराहे पर स्थित द्विवेदी जलपान गृह से हुई। यहां से सैंपल भरने पर दुकानदार ने विरोध जताया व सैंपल के दस्तावेज छीन लिए। इसके बाद टीम हैप्पी साहू की दुकान में खाद्य तेल का सैंपल भरने पहुंची। टीम को देख दुकानदार ने विरोध शुरू कर दिया। वहीं, जब अन्य दुकानदारों को एफडीआई टीम का पता चला तो वे हैप्पी साहू की दुकान में एकत्रित होना शुरू हो गए। सुभाष गंज व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी आ गए। दुकानें धड़ाधड़ बंद होना शुरू हो गईं। इससे शोरशराबे व गहमागहमी की स्थिति बन गईं। त्योहार के दिन कार्रवाई के विरोध में व्यापारी नारेबाजी करने लगे। विरोध के बाद भी टीम ने सैंपल भरने की कोशिश की, तो टीम के साथ धक्कामुक्की व अभद्रता पर उतारू हो गए। भीड़ के कारण पुलिस भी मूकदर्शक बन गई। व्यापारियों के बढ़ते दबाव व विरोध के कारण टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ने डीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इस पर डीएम ने दुबारा छापा मारने के आदेश दिए। भारी पुलिस बल के साथ टीम दुबारा सुभाष गंज पहुंची। मगर, इस बात की भनक व्यापारियों को पहले ही लग चुकी थी, इस कारण टीम को बाजार बंद मिला। व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर सड़क पर खड़े होकर टीम पर नजर जमाए रहे। टीम सुभाष गंज से होकर गांधी रोड तक गई, मगर उनको रास्ते में एक भी खाद्य पदार्थ की दुकान खुली नहीं मिली। वापसी में टीम सुभाष गंज से आगे तलैया मुहल्ला तिराहे तक पहुंची, जहां राजेश मोहन साहू की किराने की दुकान उनको खुली मिल गई। यहां से सोयाबीन रिफाइंड ऑयल का सैंपल भरा। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, आर एल कुशवाहा, कपिल गुप्ता, आजाद कुमार, विजय बहादुर पटेल व दीपक कुमार शामिल थे।
वहीं, देर रात एफडीए की ओर से कोतवाली पुलिस को व्यापारी नेता विजय जैन, प्रमोद किलपन, अरुण राय, हैप्पी साहू, लालता वर्मा, बृजमोहन, महेंद्र द्विवेदी, पटैरिया ट्रैडर्स के मालिक व अज्ञात 30-40 लोगों के खिलाफ तहरीर दी, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया।
पहले भी हो चुका है विरोध
झांसी। खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग (एफडीए) की टीम को पहले भी सुभाष गंज में विरोध का सामना करना पड़ा है। मार्च में होली के समय भी व्यापारियों के विरोध के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा था। 13 अगस्त को भी विरोध के चलते दो ही सैंपल भरे जा सके थे।
सर्जीकल स्ट्राइक की तरह पड़ेंगे छापे
सुभाष गंज के व्यापारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पहले भी कई बार विभागीय टीम को उनके विरोध का सामना करना पड़ा है। यह गुंडागर्दी है। विभाग नकली व मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अब सर्जीकल स्ट्राइक की तरह बाजार में छापे मारेगा।
- सुशील सचान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
आरोप बेबुनियाद, एफडीए गलत
एफडीए द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। व्यापारी हमेशा जांच में सहयोग करते हैं। बाजार में धनतेरस पर भारी भीड़ थी। व्यापारी अपने कारोबार में व्यस्त थे। इस दौरान टीम का जांच के लिए आना व्यापारियों को खला। बावजूद, इसका विरोध नहीं किया गया।
- प्रमोद किलपन, महामंत्री - सुभाष गंज व्यापार मंडल