अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पैरेंटिंग कलेंडर जारी कर दिया है। इसका उद्देश्य शिक्षक-अभिभावक के मजबूत रिश्ते की डोर से छात्रों की मेधा को निखारना है। इसके अलावा कलेंडर के तहत प्रधानाचार्यों की भी चार ऑनलाइन वर्कशॉप भी होगी।
ऑनलाइन वर्कशॉप में प्रधानाचार्यों को अभिभावक स्कूल संचार को मजबूत करने के तरीके बताए जाएंगे। ये वर्कशॉप सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक 27 मई और फिर तीन से पांच जून तक होगी। सीबीएसई की जिला समन्वयक प्रीति खत्री ने बताया कि अभिभावकों को भी बच्चे की पढ़ाई में सहयोगी बनाने के लिए ये कलेंडर जारी हुआ है। इससे पहले सीबीएसई की तरफ से सर्वे किया गया था। इसमें स्कूल से अभिभावकों का जुड़ाव होना अहम माना गया। बताया कि वर्कशॉप में कई अहम बिंदुओं पर चर्चा होगी। इसमें स्कूल और अभिभावक के बीच संबंध मजबूत होने के नए तरीके खोजे जाएंगे। ताकि, विद्यार्थियों के सीखने में सुधार हो सके। लगातार संवाद भी स्कूल और अभिभावकों के बीच बना रहे, इसके लिए क्या करने की जरूरत है, इस पर मंथन होगा।
अभिभावकों की भी तय होगी जिम्मेदारी
विद्यार्थी की प्रतिभा निखारने के लिए अभिभावकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके लिए अभिभावकों को अपने बच्चे को समय प्रबंधन सिखाने पर जोर दिया जाएगा। अपने बच्चे को कुछ वक्त जरूर दें। उससे पढ़ाई, दोस्त आदि के बारे में पूछें।
ये हैं वर्कशॉप के विषय
- अभिभावक-विद्यालय सहयोग को मजबूत करना: मौजूदा प्रथाएं - 27 मई को
- एकीकृत कक्षा रणनीतियां: शिक्षक-नेतृत्व वाली गतिविधियां - तीन जून को
- माता-पिता की भागीदारी बढ़ाना: पैरेंटिंग कार्यशालाएं - चार जून को
- अभिभावक-बच्चे के बीच संबंध बनाने की गतिविधियां - पांच जून को