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Jhansi News: वरदान बनी सूरज की तपिश, 162 मेगावाट तक पहुंचा सौर ऊर्जा उत्पादन

Sat, 27 Jun 2026 02:35 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। बुंदेलखंड की झुलसा देने वाली तीखी धूप वरदान साबित हो रही है। यह धूप यहां हरित ऊर्जा में एक सोलर एनर्जी में बदल रही है। झांसी में इस साल से चार कंपनियों ने विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया है। इसकी बदौलत यहां 162 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। अफसरों का कहना है कि आने वाले दो साल में यह ऊर्जा उत्पादन बढ़कर 800 मेगावाट तक पहुंच जाएगा। इससे न सिर्फ लीज रेंट से किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
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सौर ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है पठारी इलाका होने के कारण झांसी में सूर्य की सीधी किरणों पड़ती है। इनका समय भी अधिकतम होता है। राजस्थान के कई इलाकों में भी धूप का पर्याप्त विकिरण मिलता है लेकिन, वहां अक्सर धूल भरी आंधी चलती हैं। धूल सोलर प्लेट पर जम जाती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। झांसी में यह परेशानी नहीं आती। यही वजह है कि सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए झांसी सबसे मुफीद साबित है। चार कंपनियों ने इकाई स्थापित करने के साथ ही उत्पादन भी शुरू कर दिया।
टहरौली के घुरैया गांव के 250 एकड़ में 50 मेगावाट क्षमता की एम प्लस सोलर एनर्जी उत्पादन कर रही है। रोजाना 2.50 लाख यूनिट बिजली पैदा हो रही है। टहरौली के अस्ता गांव में ईशा रेज एनर्जी नामक कंपनी ने 20 मेगावाट, सेसा मोंठ में सोलर एनर्जी फोर प्राइवेट लिमिटेड ने 10 मेगावाट, बुढ़पुरा, बबीना में फोर्थ पार्टनर प्राइवेट लिमिटेड ने 70 मेगावाट एवं गुरसराय के अड़जरा में मेलू मलाई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 12 मेगावाट बिजली पैदा कर रहे हैं। यहां अदाणी समूह ने पहले से प्लांट लगाया हुआ है। इन कंपनियों की मदद से 162 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। इनके अलावा 600 मेगावाट अल्ट्रा सोलर पार्क से एवं कुछ सोलर कंपनियों से 38 मेगावाट उत्पादन की भी उम्मीद है। इनकी बदौलत कुल 800 मेगावाट बिजली तैयार हो सकेगी।
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गरौठा में प्रस्तावित सोलर पार्क से 600 मेगावाट बिजली पैदा होगी। अगले दो साल के भीतर इसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
रामेश्वर सुधाकर सब्बनबाड, सीडीओ



बुंदेलखंड में अल्ट्रा सोलर पार्क से 2000 मेगावाट के उत्पादन का लक्ष्य
बुंदेलखंड में 2000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य अल्ट्रा सोलर पार्क के जरिये तय किया गया है। इसके लिए 600-600 मेगावाट का सोलर प्लांट झांसी (गरौठा) एवं तालबेहट के अलावा चित्रकूट में 800 मेगावाट का स्थापित किया जाना है। झांसी में प्रस्तावित सोलर पार्क के काम के तेजी पकड़ने की उम्मीद है। पिछले माह ही प्लांट के लिए गेल से समझौता हुआ हालांकि चित्रकूट एवं तालबेहट में प्रस्तावित सोलर पार्क के काम में तेजी नहीं दिख रही है।

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रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
हरित ऊर्जा का हब बनने पर बुंदेलखंड में रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। इन सोलर कंपनियों में रोजगार भी दिए जा रहे हैं हालांकि यहां पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल झांसी एवं बुंदेलखंड में नहीं हो रहा है। कंपनियां बिजली बनाकर ओपन सोर्स के जरिये दूसरे राज्य अथवा जनपदों में कंपनियों को बिक्री कर रही है। इसी तरह अल्ट्रा सोलर पार्क के स्थापित होने पर भी सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा।
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इस तरह हो रहा उत्पादन

वर्ष 2022- 93 मेगावाट
वर्ष वर्ष 2026- 162 मेगावाट
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