झांसी। राजस्थान में विद्यालय की छत गिरने से सात छात्रों की मौत के बाद प्राथमिक विद्यालयों के सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी झांसी और ललितपुर के प्राथमिक विद्यालयों के हालात अच्छे नहीं हैं। कहीं दीवारों में सीलन तो कहीं टपकती छत के नीचे बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कहीं एक ही कक्षा में कई क्लासें चल रही हैं तो कहीं विद्यालय के बाहर पानी भरा है।
टोड़ी फतेहपुर। प्राथमिक विद्यालय दुगारा का भवन जीर्णशीर्ण होने पर सितंबर 2024 में उसे ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद से विद्यालय का संचालन परिसर में बने एक कमरे में ही किया जा रहा है। पांचों कक्षाओं के सभी 63 बच्चे छोटे से एक कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। इससे अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हैं। पूरा विद्यालय एक शिक्षिका के भरोसे है। प्रधानाध्यापक और शिक्षा मित्र इन दिनों प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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तालाब के किनारे से आते हैं बच्चे
प्राथमिक विद्यालय दुगारा मऊरानीपुर-गुरसराय मार्ग के पास है। इसका मुख्य द्वार लंबे समय से बंद है, जिससे बच्चों को रोजाना तालाब के रास्ते से होकर स्कूल आना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक है।
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भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बजट आते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। बच्चों को उच्च प्राथमिक विद्यालय में मर्ज करने का सुझाव ग्रामीणों को दिया गया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है।
- मनोज कुमार लक्षकार, बीईओ, गुरसराय