मुलायम परिवार में जारी कलह पर सोमवार को सभी की निगाहें टिकी रहीं। लोग टीवी व सोशल मीडिया पर दिन भर टिकटिकी लगाए रहे। सपा के स्थानीय नेता लखनऊ में डेरा डाले रहे। जबकि, कार्यकर्ता कयासबाजी में जुटे रहे। हालांकि, खेमेबाजी पर बोलने से सभी बचते रहे।
सोमवार को समाजवादी कुनबे की कलह चरम पर रही। लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनके चाचा शिवपाल सिंह के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई, तो पार्टी कार्यालय के बाहर दोनों के समर्थकों के बीच मारपीट तक हो गई। राजधानी में हुए इस घटनाक्रम की सरसराहट शहर में भी महसूस की गई। सरकारी दफ्तर हों या बाजार, सभी जगह समाजवादी परिवार के घटनाक्रम की चर्चाएं जोरों पर रहीं। लोग टीवी पर पल - पल की जानकारी जुटाते रहे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर मेसेज घनघनाते रहे। इस सबसे के बीच सपा के ज्यादातर नेता व कार्यकर्ता मौन साधे रहे। वह अखिलेश या शिवपाल में से किसी के भी पक्ष में बोलने से बचते रहे।
जनता का विश्वास सिर्फ अखिलेश में
झांसी। सपा के राज्यसभा सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नब्बे फीसदी लोग मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ खड़े हुए हैं। वह अपने कार्यकाल की उपलब्धियों के चलते पार्टी का चेहरा बन गए हैं। प्रदेश की जनता भी अखिलेश के साथ है। पार्टी मुखिया मुलायम सिंह के प्रयासों से सोमवार की शाम तक स्थितियां सामान्य हो गई हैं। अब अखिलेश अपनी टीम के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर वह टिकटों में बदलाव भी करेंगे।
वहीं, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने कहा कि हालिया घटनाक्रम से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अब पार्टी तेजी से चुनाव अभियान में जुटेगी। सभी एकजुटता के साथ पार्टी को आगे ले जाने का काम करेंगे।