अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बारिश के दौरान जलभराव होने से डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है। महानगर में छह क्षेत्र डेंगू के रेड जोन में शामिल हैं, जहां बीते सालों में सबसे ज्यादा डेंगू के रोगी मिले हैं। ऐसे में मलेरिया विभाग इन इलाकों में निगरानी बढ़ाने जा रहा है।
जनवरी से अब तक डेंगू के 13 मरीज मिल चुके हैं। इसमें जून और जुलाई में ही पांच रोगी मिल चुके हैं। चूंकि, जनपद में पिछले 23 दिनों से लगातार बारिश हो रही है और डेंगू का मच्छर भी साफ पानी में पनपता है। ऐसे में जलभराव होने से डेंगू का लार्वा भी पनपने का खतरा बढ़ गया है। दूसरी तरफ, स्वास्थ्य विभाग में दैनिक मानदेय पर 31 कर्मचारियों की तैनाती की जा चुकी है।
उन्हें भी जल्द फील्ड में उतारने की तैयारी है। ये कर्मचारी घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा की जांच करेंगे। जहां-जहां लार्वा मिलेगा, वहां पर लार्वी साइट का छिड़काव करेंगे। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. उत्सव राज का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पास तीन लाख रैपिड डायग्नोस्टिक किट उपलब्ध हैं। इन्हें सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को उपलब्ध कराया जाता है। इन केंद्रों पर डेंगू का कोई भी संदिग्ध मरीज आकर जांच करवा सकता है।
ये हैं डेंगू के संवेदनशील क्षेत्र
गुमनावारा, पिछोर, शिवाजी नगर, खिरकपट्टी, कोछाभावर, खुशीपुरा डेंगू के संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां पर डेंगू के मरीज ज्यादा मिलते हैं।