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विवादित ढांचा परिसर में मिले थे मंदिर के अवशेष

Mon, 22 Feb 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद ने कहा कि अयोध्या के विवादित ढांचा परिसर में 12वीं शताब्दी में निर्मित मंदिर के अवशेष दो बार प्राप्त हुए थे। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए हिंदू व मुस्लिम मिलकर इस विवाद को हल करें।
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ओरछा में आयोजित इतिहासकारों व पुरातत्वविदों के राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग कर झांसी आए पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि वर्ष 1976-77 में डॉ. बीबी लाल के नेतृत्व में पुरातत्व विभाग ने विवादित परिसर में खुदाई क ी थी। इस टीम में वह भी सदस्य थे। खुदाई में 14 स्तंभ व अवशेष जिनमें देवनागरी भाषा में लिखा विष्णु हरि शिलापट, मगर प्रणाली आदि प्राप्त हुए थे।

इसके पश्चात न्यायालय के निर्देश पर वर्ष 2003 में पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई की गई, जिसमें मंदिर के 50 स्तंभ एवं अवशेष मिले थे। यह समूची खुदाई ढाई से तीन एकड़ क्षेत्र परिसर में हुई थी।
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रमाकांत वर्मा के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंदिर के पक्ष में बोलने पर उन्हें कई बार धमकियां मिलीं। पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि कई मौकों पर उन्होंने जमायते इस्लामी सहित कई संगठनों के समक्ष भी मंदिर के होने के प्रमाण दिए। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के उदारवादी समाज के दोनों समुदायों को चाहिए कि वह देश हित में इस विवाद को हल करें।

जेएनयू के छात्र सच्चाई स्पष्ट नहीं करते
जवाहर लाल नेहरू केंद्रीय विश्वविद्यालय में पढ़कर जो छात्र मीडिया में आए हैं, कभी सच्चाई स्पष्ट नहीं करते हैं। पूर्व क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि  जेएनयू में हुई देश विरोधी नारेबाजी एवं वकीलों द्वारा की गई मारपीट ने कानून व्यवस्था क ो बिगाड़ा है। इन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वामपंथी प्रबुद्ध वर्ग एवं इतिहासकारों ने कभी देश की सांस्कृतिक एवं पुरातत्व खोजों को स्वीकारा नहीं है।
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