झांसी। जनपद में चल रही पराग दुग्ध डेरी का मुख्य विकासाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने डेरी से संबंधित समस्त कार्यकलापों की जानकारी डेरी प्रबंधक डॉ. एस . पी सिंह से ली। इस पर उन्हें बताया कि दुग्ध शाला की क्षमता दस हजार लीटर दुग्ध प्रतिदिन की है। लेकिन यहां पर वर्तमान में नौ हजार लीटर दूध ग्रामीण क्षेत्र से आयत किया जा रहा है।
यह दूध शहरी व डिफेंस तथा शहरी क्षेत्र में उपभोेक्ताआें को पैकिंग करके प्रतिदिन भेजा जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों को प्रत्येक हफ्ते उनका रुपया दे दिया जाता है। इस मौके पर उन्होंने दूध की टेस्टिंग एवं मिलावट होने की कैसी पहचान की जाती है।
दूध का स्टोरेज, पैकिंग, व कोल्ड स्टोरेज की जानकारी ली। इस मौके पर उप दुग्धशाला विकासाधिकारी डॉ. सत्येंद्र सिंह, डेरी इंचार्ज जगराम सिंह आदि मौजूद रहे।