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Jhansi News: रोजाना 250 जीबी डेटा खर्च ने खड़े किए थे पुलिस के कान

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। दुबई से चल रहे सट्टा एप तक पहुंचने में पुलिस के लिए सबसे बड़ा मददगार उस घर से इस्तेमाल हो रहा डेटा बना। पिछले माह अलवर में सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद झांसी के कई युवक उसमें शामिल पाए गए थे। राजस्थान पुलिस उनको तलाशने यहां तक आ पहुंची।
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उसी दौरान साइबर सेल ने कुछ संदिग्ध जगहों के डेटा निकाले। एक जगह का डेटा इस्तेमाल देखकर पुलिस अफसर भी भौचक रह गए। उसके बाद ही इस पूरे खेल का भंडाफोड़ हुआ। कोतवाली इलाके के उनाव गेट निवासी फरीद उर्फ बाबा मिस्त्री को करीब चार महीने पहले मथुरा के सारंग विहार बालाजी पुरम निवासी योगेश चौधरी ने किराए पर लिया था। उसने घर में सबसे पहले एसी लगवाया। साथ ही इंटरनेट कनेक्शन लिया। यहां रोजाना 200-250 जीबी डेटा का इस्तेमाल हो रहा था। साइबर सेल ने जब रिकॉर्ड निकाला तो पिछले करीब दो माह से रोजाना इतने ही डेटा का इस्तेमाल मिला। इससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया। दबिश देकर पुलिस ने छह युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि रात की ड्यूटी कर रहा युवक पुलिस को चकमा देकर लैपटॉप समेत भाग निकला। पुलिस ने यहां से इंटरनेट चलाने वाला राउटर भी बरामद किया। युवकों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। पुलिस को युवकों के पास से तीन डायरियां भी मिलीं, इनमें नियमित आईडी चलाने वाले लोगों के नाम दर्ज हैं। सराफा कारोबारियों समेत अन्य व्यवसायियों के नाम भी इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही बरामद हुए 26 मोबाइल से पुलिस इनकी कुंडली तैयार करने में जुटी है। शुरुआती छानबीन में पुलिस को मालूम चला कि मिनी एडमिन के तौर पर पकडे़ गए योगेश चौधरी एवं कृष्णा के नीचे सैकड़ों युवक बतौर एजेंट काम करते हैं। हजारों करोड़ का इनका कारोबार था। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि अभी आगे भी छानबीन की जा रही है। जो भी इसमें शामिल हैं, उनको तलाशा जा रहा है।
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