संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति का विरोध 104वें दिन भी जारी रहा। अभियंताओं ने मंगलवार को भी भोजनावकाश और कार्यालय समाप्ति पर मंडल कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग की।
विरोध सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दुर्भाग्य है कि बिजलीकर्मी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा है। बताया कि जहां भी प्राइवेट बिजली है, वहां शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति बमुश्किल 10 से 12 घंटे तक हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवधान होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने में भी काफी विलंब होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से निजीकरण फैसले को वापस लेने की मांग की।