संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने से यात्री परेशान हैं। राजधानी जैसी ट्रेनें भी पांच से 38 घंटे देरी से चल रही हैं। बेंगलुरु राजधानी पांच तो राप्तीसागर एक्सप्रेस 38 घंटे की देरी से झांसी पहुंची। कई अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से चौबीस घंटे में 121 सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, मेल, राजधानी और दूरंतो ट्रेनें गुजरती हैं। बीते एक सप्ताह से जिस प्रकार ट्रेनों का संचालन पटरी से उतरा है, उससे यात्रियों को यह समझ नहीं आ रहा है कि उनकी ट्रेन कब आएगी। ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर रेलवे के पास प्रतिदिन औसतन 123 शिकायतें आ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि उनसे किराया सुपरफास्ट का लिया जा रहा है और ट्रेनें बैलगाड़ी को भी फेल कर रही हैं।
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न मंडलों में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य, ट्रैक का दोहरीकरण आदि के चलते कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है तो कई ट्रेनें री शेड्यूल की गई हैं। इस कारण ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
देरी से चल रहीं ट्रेनें
राप्तीसागर एक्सप्रेस 38 घंटे।
निजामुद्दीन स्पेशल एक्सप्रेस 15 घंटे।
निजामुद्दीन दूरंतो 12 घंटे।
तमिलनाडु एक्सप्रेस 12 घंटे।
सिकंदराबाद दूरंतो 12 घंटे।
तेलंगाना एक्सप्रेस 11 घंटे।
पंजाब मेल 10 घंटे।
सीतापुर एक्सप्रेस 8 घंटे।
छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 8 घंटे।
पुष्पक एक्सप्रेस 8 घंटे।
लोकमान्य तिलक-हरिद्वार एक्सप्रेस 6 घंटे।
अमृतसर एक्सप्रेस 6 घंटे।
एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 6 घंटे।
बेंगलुरु राजधानी 5.40 घंटे।
गोरखपुर एक्सप्रेस 5.30 घंटे।
कुशीनगर एक्सप्रेस 5 घंटे।
मंगला लक्ष्यद्वीप एक्सप्रेस 4.30 घंटे।
पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस 4 घंटे।