संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। राजस्थान के पाली जिले की एक मां दो दिन पहले अपनी 8 साल की मासूम बेटी को छोड़कर ट्रेन से डबरा पहुंच गई। पुलिस ने रोती हुई बच्ची को देख उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया। फिर उसे बाल कल्याण समिति में पेश किया गया।
एक बालिका स्टेशन पर वीआईपी वेटिंग रूम के पास लावारिस हाल में पड़ी थी। चाइल्ड लाइन की टीम में शामिल भारती गहलौत ने उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। पता चला कि बालिका अहमदाबाद के एक स्कूल में पढ़ती है। अहमदाबाद में मजदूरी करने वाले उसके पिता को बुलाया गया। पिता ने बताया कि उसकी पत्नी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वह पहले भी एक बार बेटी को छोड़ चुकी है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सदस्यगण कोमल सिंह, परवीन खान, दीप्ति सक्सेना और हरिकृष्ण सक्सेना ने काउंसिलिंग की। पिता ने माफी मांगते हुए दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शनी में टीकमगढ़ के लड़के से हुई किशोरी की दोस्ती
करीब दो महीने पहले प्रदर्शनी मैदान में टीकमगढ़ के 17 वर्षीय किशोर से झांसी की रहने वाली किशोरी से दोस्ती हुई। वे भाग कर दिल्ली पहुंचे। वहां कुछ दिन रहने के बाद वापस आए। पुलिस की सूचना पर उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। यहां काउंसिलिंग की गई। बृहस्पतिवार की शाम झांसी की रहने वाली एक 15 वर्षीय लड़की और टीकमगढ़ निवासी 17 वर्षीय किशोर को चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। किशोरी ने बताया कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ है। दोनों के माता-पिता को बुलाकर समझाइश दी गई और उनके सुपुर्द कर दिया गया।