आज से दूसरा चरण शुरू, पहले चरण में तस्वीरें लेकर तय किए 128 स्थल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नक्शा परियोजना के तहत झांसी नगर का नक्शा तैयार करने के लिए दूसरे चरण में 161 किलोमीटर का ड्रोन सर्वे आज से शुरू हो जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद नगर के भवन स्वामियों का डिजिटल नक्शा तैयार होगा। इससे न सिर्फ भूमि विवाद के निस्तारण में मदद मिलेगी, बल्कि ये मालिकाना हक का भी प्रमाण होगा।
सर्वे के पहले चरण में हेलीकॉप्टर से नगर की तस्वीरें लेकर 128 स्थल तय किए जा चुके हैं। इन्हीं को मद्देनजर आगामी सर्वे होगा। तीसरे चरण में सर्वे के डाटा का तहसील और नगर निगम के अभिलेखों से मिलान होगा। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन भूमि संसाधन विभाग ने डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों का आधुनिकीकरण करना, विवादों को कम करना और संपत्ति स्वामित्व में पारदर्शिता को बढ़ाना है। इसी के तहत शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण (नक्शा) परियोजना की शुरुआत की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में झांसी और गोरखपुर नगर निगम के साथ आठ अन्य नगर पालिकाओं/पंचायतों को शामिल किया गया है।
सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सर्वे ऑफ इंडिया इस परियोजना में उच्च रिजॉल्यूशन मानचित्रण और डिजिटलीकरण के लिए तकनीकी सहायता दे रही है। खास तरह के कैमरे और सेंसर युक्त विमानों का उपयोग हवाई सर्वेक्षण में किया जा रहा है। विशेष कैमरा सिस्टम के जरिये कई कोणों से फोटो ली जा सकती है। इनके जरिये भवनों और आधारभूत ढांचे का थ्री-डी दृश्य, जमीन की ऊंचाई आदि को सटीकता से मापा जा सकता है। यह पेड़ों और घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों की ऊंचाई को सटीकता से मापती है। इससे भवनों का सटीक मॉडल तैयार किया जा सकता है। रविवार और सोमवार को ड्रोन सर्वे होगा।
इन तकनीकों का हो रहा इस्तेमाल
नक्शा परियोजना के तहत कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें थ्री-डी रियलिटी मॉडल, डिजिटल एलिवेंशन मॉडल, डिजिटल सर्फेस मॉडल, थ्री-डी बिल्डिंग मॉडल आदि शामिल हैं।