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एक्सक्लूसिव : एनएमसी के आदेश से मचा हड़कंप

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मेडिकल कॉलेज में एक मई से एप पर लगानी होगी चेहरे से हाजिरी
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ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन में ऑन रहेगी जीपीएस लोकेशन, 24 अप्रैल तक सभी को डाउनलोड करना है एप
30 अप्रैल की शाम को बंद हो जाएगी फिंगर प्रिंट से उपस्थिति दर्ज कराना
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के शिक्षक डॉक्टर, सीनियर रेजीडेंट (एसआर) व जूनियर रेजीडेंट (जेआर) एक मई से एप पर चेहरे से हाजिरी लगाएंगे। यही नहीं, ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन की जीपीएस लोकेशन ऑन रहेगी। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने यह निर्देश जारी किया है।
मेडिकल कॉलेज में अभी तक फिंगर प्रिंट से शिक्षक डॉक्टर, एसआर व जेआर अपने-अपने विभाग में उपस्थिति दर्ज कराते हैं। इसमें यह बताना संभव नहीं है कि कौन कहां पर ड्यूटी कर रहा है। कई डॉक्टर तो ओपीडी में गाहे-बगाहे आते हैं और एसआर व जेआर ही रोगियों को देखते हैं। कई डॉक्टर समय से पहले चले जाते हैं। इस व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए एनएमसी ने निर्देश दिए हैं कि 24 अप्रैल तक प्रत्येक डॉक्टर के मोबाइल फोन में एप डाउनलोड हो जाना चाहिए ताकि जीपीएस लोकेशन विंद फेस रिकग्निशन से उपस्थिति दर्ज करने का ट्रायल किया जा सके।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के लिए आठ स्थान चिह्नित किए हैं, जिसमें ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, पीएमएसएसवाई, महिला रोग विभाग, त्वचा रोग विभाग और प्रधानाचार्य कार्यालय हैं। जिस समय डॉक्टर अपने फोन पर एप डाउनलोड करेंगे, तब उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से पहले स्थान को अंकित करना होगा। इसके बाद जीपीएस लोकेशन बंद नहीं करनी होगी ताकि डॉक्टर के मेडिकल कॉलेज में उपस्थिति रहने के बारे में पता चल सके।
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कितने डॉक्टर एप करेंगे डाउनलोड
फेकल्टी डॉक्टर -120
सीनियर रेजीडेंट- 100
जूनियर रेजीडेंट- 300



0- वर्जन
एनएमसी ने फेकल्टी डॉक्टर, एसआर व जेआर की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एप बनाया है, जिस पर एक मई से जीपीएस लोकेशन विंद फेस रिकग्निशन उपस्थिति दर्ज होगी। 24 मई तक एप डाउनलोड कर ट्रायल के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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