शिक्षा की ज्योति से हर जरूरतमंद का घर रोशन करने में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के कुछ कर्मचारी जुटे हुए हैं। ये अपने खर्चे से भेल के पास आरामशीन में एक कोचिंग सेंटर चला रहे हैं, जिसमें गरीब परिवार के बच्चों को फ्री में ट्यूशन दी जाती है। इस कोचिंग में पढ़ने वाले तीन बच्चों का नवोदय विद्यालय के लिए चयन हुआ है।
भेल के करीब दस से 15 कर्मचारियों ने विवेकानंद सेवा भारती के नाम से संस्था बनाई है। यह संस्था पिछले कई वर्षों से गरीब परिवार के बच्चों का भविष्य संवारने का काम कर रही है। संस्था के सक्रिय सदस्य कर्नल बनवीर सिंह, पुष्पा चतुर्वेदी, अनुराग गुप्ता, पंकज जैन, धीरेन्द्र कुमार, सुधीर कुमार, संजीवन लाल, नारायण सिंह, विनय कुमार भदौरिया ने बताया कि गरीबों के घरों में जो होनहार बच्चे होते हैं, उनका भविष्य निखारने का प्रयास किया जाता है। बच्चों को पढ़ाने के लिए कोचिंग खोली गई है, इसमें वह अपनी पढ़ाई करते हैं। यहां प्रशिक्षित शिक्षकों के साथ-साथ समिति के सदस्य भी बच्चों को पढ़ाने आते हैं।
केन्द्र व्यवस्थापक नारायण सिंह ने बताया कि बबीना ब्लाक से नवोदय विद्यालय में छह बच्चों का ही चयन हुआ है, इसमें तीन बच्चे हर्ष पाल, राहुल अहिरवार, हर्षित गौतम ने विवेकानंद सेवा भारती के केंद्र से तैयारी की थी। संस्था ने इन बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए भेल के कार्यपालक डीके दीक्षित के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।
सपनों को मिली उड़ान
संस्था की कोचिंग में अध्ययनरत रोहित के पिता आनंद ने बताया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का सपना तो था, लेकिन जेब इसकी इजाजत नहीं देती थी। संस्था ने सपनों को उड़ान दी है। बेटा यहां पढ़ रहा है। उम्मीद है कि वह अपना भविष्य बेहतर बना लेगा। यहां पढ़ने वाले एक और छात्र देवेंद्र के पिता पवन अहिरवार ने बताया कि एक परिचित ने उन्हें संस्था के बारे में बताया था। पहले विश्वास नहीं हुआ कि इस जमाने में भी कोई फ्री में पढ़ाएगा। अब मेरा बच्चा यहां पढ़ रहा है और पहले से अधिक होशियार हो गया है।