संवाद न्यूज़ एजेंसी
झांसी। बीमारी का इलाज कराने के बाद बीमा कंपनी ने उपभोक्ता को क्लेम नहीं दिया। इस पर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्टार हेल्थ कंपनी को ब्याज के साथ धनराशि देने का आदेश दिया। साथी ही कंपनी को वाद व्यय व मानसिक कष्ट की राशि भी देनी होगी।
अगस्त 2018 में एडवोकेट गणेश खरे ने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें उल्लेख किया गया था कि सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ता व्योम अग्रवाल ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी में 5 लाख रुपये का बीमा कराया था। इसी अवधि में उन्हें लिवर संबंधी बीमारी हो गई। इसका इलाज ग्वालियर स्थित अपोलो हॉस्पिटल में कराया था। इसमें दो लाख 85 हजार रुपये खर्च हुए थे लेकिन सारे दस्तावेज लगाने के बाद भी कंपनी ने कोई क्लेम नहीं दिया। इस पर आयोग के अध्यक्ष अमरपाल सिंह व सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री और ज्योति प्रभा जैन ने सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 2018 से भुगतान होने की तिथि तक 2 लाख 13 हजार 750 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के रूप में आठ हजार रुपये अदा करने का भी आदेश दिया।