झांसी। समीपवर्ती मध्य प्रदेश की मंडियों में धान के दाम बढ़ने से जिले में स्थापित क्रय केंद्रों पर आवक कम हो गई है, जिससे खरीद के लक्ष्य तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान बढ़ी हुई कीमत पाने के लिए मप्र की ओर रुख कर रहे हैं।
शासन ने जिले को 7,100 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है, जिसे पूरा करने के लिए 14 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 10 अक्तूबर से खरीद जारी है। केंद्र 31 जनवरी तक खोले जाने हैं। केंद्रों पर अब तक 1,648 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
लेकिन, खरीद के इस आंकड़े को ऊपर ले जाना अब मुश्किल हो गया है। दरअसल, मध्य प्रदेश की डबरा व अन्य मंडियों में समर्थन मूल्य (1,410 रुपये प्रति क्विंटल) से अधिक पर धान की खरीद शुरू हो गई है। इससे यहां के किसानों ने मध्य प्रदेश की ओर अपना रुख कर लिया है।
मालूम हो कि पिछले साल मप्र में शुरू से ही यहां के समर्थन मूल्य से अधिक पर धान की खरीद की गई थी, जिससे जिले में स्थापित केंद्र सूने ही रह गए थे। धान खरीद का आंकड़ा शून्य से आगे नहीं बढ़ पाया था।
‘जिले के केंद्रों पर धान की अच्छी खरीद हुई, परंतु पिछले तीन-चार दिनों से आवक कम हो गई है। कुछ किसानों ने मप्र की ओर रुख किया है। हालांकि, अभी दो माह और खरीद की जानी है। यहां केंद्रों पर किसानों से आसानी से धान ली जा रही है।’
- दिनेश कुमार तिवारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी