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अब तो पीने के पानी की भी है परेशानी

Wed, 02 Dec 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। सूखे को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को भेजी गई रिपोर्ट की जमीनी हकीकत जानने आई भारत सरकार की टीम ने मंगलवार को बबीना विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। इस दौरान किसानों ने केंद्रीय टीम को अपनी पीड़ा बताई।
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केंद्रीय दल का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निदेशक डा. एम सी दिवाकर ने ग्राम खजराहा खुर्द में किसानों से नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान कृषक भगवान सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पानी नहीं है।

अब तो कुओं का पानी भी बेहद निचले स्तर पर चला गया है, जिससे पीने के पानी की भी परेशानी खड़ी हो गई है। किसान शिशुपाल ने बताया कि गेहूं की बुआई भी नहीं हो सकती। क्योंकि, न तो खेत में नमी है और न ही सिंचाई के लिए पानी। यदि जैसे-तैसे बुआई कर भी लेते हैं तो आगे मौसम गर्म होने पर फसल खराब हो जाएगी। केंद्रीय टीम ने ग्राम खजराहा बुजुर्ग में भी किसानों से बात की।
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यहां किसानों ने मूंगफली दिखाते हुए कहा कि इसकी फली तो बड़ी हुई है, परंतु अंदर दाना तैयार नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि खरीफ  में क्षेत्र में बहुतायत मूंगफली बोई जाती है। पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि नुकसान से जीविकोपार्जन में भी दिक्कत हो रही है।

ग्राम किल्चवारा बुजुर्ग व ग्राम सरवां में किसानों ने कहा कि खरीफ की फसल से तो वह पहले ही हाथ धो बैठे हैं, अब यदि बारिश नहीं हुई तो वह रबी की बुआई भी नहीं कर पाएंगे।

टीम में केंद्रीय बागवानी संस्थान लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डा. कैलाश कुमार व राज्य आपदा प्रबंधन कार्यक्रम के सलाहकार पंकज कुमार शामिल रहे। टीम के भ्रमण के दौरान अपर जिलाधिकारी उमेश नारायण पांडेय, संयुक्त कृषि निदेशक एस के अग्निहोत्री, उप कृषि निदेशक डा. यू पी सिंह, कृषि अधिकारी डा. बी आर मौर्य, तहसीलदार राजेंद्र बहादुर आदि मौजूद रहे।

बुआई न होने पर नहीं मिलेगा मुआवजा
झांसी। ग्रामों के भ्रमण के बाद केंद्रीय टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में सूखे से उत्पन्न हालातों पर बिंदुवार चर्चा की।

सर्किट हाउस में हुई बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निदेशक डा. एम सी दिवाकर ने कहा कि यदि नहरों के माध्यम से क्षेत्र में खेतों तक पानी पहुंचाया जाए, तो किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यदि रबी की बुआई नहीं होगी, तो किसानों को मुआवजा भी नहीं मिल सकेगा।

केंद्र को दी जाने वाली रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया जाएगा कि वर्षा नहीं होने से रबी में बुआई नहीं हो सकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि रबी फसल न होने से जानवरों के लिए चारे की उपलब्धता एक समस्या होगी। टीम ने पशु पालन विभाग से आगामी दिनों में चारे की उपलब्धता की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने जिले में पेय जलापूर्ति की भी जानकारी ली। देर शाम टीम ललितपुर के लिए रवाना हो गई।
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