संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। साइबर अपराध में पुलिस ने दो आरोपियों को जून में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने विवेचक को तलब किया था। अब न्यायालय ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ने का आदेश दिया है।
थाना नाराहट के ग्राम रीछपुरा निवासी राहुल सिंह ने डेयरी फार्म खुलवाने और लोन दिलवाने के नाम पर थाना जखौरा के ग्राम सीरोनखुर्द निवासी पुष्पेंद्र उर्फ कल्लू राजा एवं चाहत राजा के खिलाफ ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की धारा 316(2), 318 (4) एवं 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को सात जून को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के अधिवक्ता ने उनकी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने सात वर्ष से कम की सजा के अपराध में भी उन्हें गिरफ्तार करने पर साइबर थाना प्रभारी को तलब किया था। अब हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैध ठहराते हुए पुष्पेंद्र उर्फ कल्लू राजा एवं चाहत राजा को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी से पहले बीएनएस की धारा 35(3) के तहत अनिवार्य नोटिस जारी नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी तभी हो सकती है, जब उसकी वास्तविक आवश्यकता हो और उसका कारण लिखित रूप में दर्ज होना चाहिए। दो न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने कहा कि गिरफ्तारी कानून प्रक्रिया का उल्लंघन है और आरोपियों को तुरंत व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा किया जाए। साथ ही पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई के आदेश दिए। न्यायालय ने आदेश दिए कि अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी, जिस पर मजिस्ट्रेट को पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।