झांसी। विधान परिषद चुनाव में इस बार मतदाताओं की अंगुली पर स्याही का निशान नहीं लगाया जाएगा। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
विधान परिषद चुनाव की तैयारियां तेजी से जारी हैं। 15 फरवरी तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। जबकि, तीन मार्च को मतदान व छह को मतगणना होगी। विधान परिषद के झांसी-जालौन-ललितपुर क्षेत्र से 3,269 मतदाता अपने मताधिकारी का उपयोग करेंगे।
इनमें झांसी में सर्वाधिक 1280, जालौन में 1102 व ललितपुर में 887 वोटर मतदान में हिस्सा लेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान संबंधी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत इस बार मतदान उपरांत वोटरों की अंगुली पर स्याही का निशान नहीं लगाया जाएगा। मतदाता सूची से मिलान करने के बाद वह वोट डाल सकेंगे। इसके लिए शत प्रतिशत फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार की गई है।
नोटा का होगा विकल्प
झांसी। विधान परिषद चुनाव में ईवीएम मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मतदाताओं को मतदान के लिए मतपत्र दिए जाएंगे, जिन पर हिंदी व अंग्रेजी में प्रत्याशी के नाम अंकित होंगे। इसके अलावा इस बार पहली बार विधान परिषद चुनाव में मतदाताओं को नोटा का विकल्प भी दिया जाएगा। कोई भी प्रत्याशी पसंद न आने पर वह नोटा के सामने वाले खाने में मुहर लगा सकेंगे।
सीसी टीवी कैमरों से होगी निगरानी
झांसी। निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी। मतदान केंद्र में जाते समय व बाहर आते समय गेट पर मतदाताओं की सघन जांच होगी, ताकि मतदाता मतपत्र लेकर वाहन न निकल सकें। इसके अलावा मतदान केंद्रों के भीतर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसमें पूरे मतदान कार्यक्रम की रिकार्डिंग होगी।