झांसी/ एरच। थाना एरच के ग्राम करगुवां खुर्द की अनुसूचित जाति महिला ग्राम प्रधान को गांव के ही कुछ युवकों ने घर में घुसकर पीटा। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। ग्राम प्रधान का आरोप है कि शिकायत के बाद भी स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बुधवार को अपनी शिकायत लेकर उसने एसएसपी से गुहार लगाई है।
पीड़ित ग्राम प्रधान मेवादेवी पत्नी सीताराम अहिरवार ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र के जरिए बताया कि 23 नवंबर की शाम वह घर में अपनी सास एवं बहू के साथ बैठी हुई थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे गांव का रहने वाला नारायण सिंह यादव अपने कई साथियों के साथ घर में घुस आया। घर में घुसते ही उसने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गालौज करनी शुरू कर दी। जब उसने उसे मना किया तो पिटाई की गई। बीच-बचाव करने की कोशिश पर बहू एवं उसकी सास को भी धक्का दे दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी वहां आ गए। तमाम लोगों को आता देख नारायण सिंह अपने साथियों के साथ वहां से भाग गया। जाते समय उसने जान से मार डालने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी लेकिन, उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की।
बुधवार को अपने परिवार के साथ महिला ग्राम प्रधान एसएसपी के पास पहुंच गईं। उन्होंने एसएसपी से सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की है। उधर, एरच एसओ त्रिदीप सिंह का कहना है कि महिला ग्राम प्रधान की ओर से कोई भी प्रार्थना पत्र थाने मेें नहीं दिया गया हालांकि पड़ताल में मालूम चला है कि कुछ माह पहले पंचायत चुनाव के दौरान दोनों पक्ष एक साथ थे। मामले की जांच कराई जा रही है।