स्थानीय लोगों ने प्राचीन धरोहर की सौंदर्यीकरण की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
एरच। कस्बे का प्राचीन नरसिंह तालाब रखरखाव के अभाव में अपनी पहचान खोता चला जा रहा है। जीर्णशीर्ण हालत में यह तालाब विलुप्त होने की कगार पर है। यह आरोप यहां के लोगों ने लगाया है।
लोगों ने बताया कि कस्बे का एक मात्र प्राचीन नरसिंह तालाब जो पूरी तरह से जीर्णशीर्ण हालत में है। इस तालाब का जिक्र ईतिहास के पन्नों में दर्ज है। प्राचाीन इस तालाब से कस्बे का अधिकांश क्षेत्र का जल स्तर सही था। लगभग दस साल से यह तालाब पूरी तरह से सूखा पड़ा रहने से तालाब के आसपास के क्षेत्र का जल स्तर नीचे चले जाने से पेयजल का संकट भी गहरा गया है। लोगों ने बताया कि इस तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए कई बार शासन व प्रशासन को अवगत कराया कि यह प्राचीन तालाब लोगों की आस्था का प्रतीक है। कई पर्वों पर महिलाएं तालाब पर पूजा के लिए यहां प एकत्र होती हैं, लेकिन तालाब के सूखे रहने से उन्हें निराश होना पड़ता है। जगदीश सचान, अवधेश कुमार, लखनलाल, धर्मेंद्र, नरेंद्र कुशवाहा, रवींद्र कुमार आदि ने आरोप लगाया कि नरसिंह भगवान मंदिर की परिधि में बना यह तालाब आज उपेक्षा का शिकार है। लोगों ने तालाब का सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है। इस संबंध में नगर पंचायत एरच के वरिष्ठ लिपिक धर्मेंद्र कुमार वाजपेयी ने बताया कि नरसिंह तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए शासन द्वारा धनराशि मुहैया करा दी गई है। जल्द ही इसका सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।