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Jhansi News: ओटी ब्लॉक की 'डोर' बाहरी व्यक्ति के हाथों में

Thu, 06 Aug 2026 02:36 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) ब्लॉक में वर्षों से बाहरी व्यक्ति विभागीय कार्य संभाल रहा है। विभागाध्यक्ष कक्ष से सटे उसके लिए अलग कार्यालय बनाया गया है, जहां कंप्यूटर समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहीं बैठकर वह विभाग के प्रशासनिक, मेंटेनेंस और पत्राचार संबंधी कार्य करता है। स्टिंग के दौरान अमन नाम के युवक ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2015 से विभाग में काम कर रहा है और विभागाध्यक्ष के कहने पर दोबारा भी कार्यभार संभाला।
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सूत्रों के अनुसार ओटी ब्लॉक में गायनी, ऑर्थो, सर्जरी, ईएनटी और नेत्र रोग सहित आठ मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर संचालित हैं। इनके मेंटेनेंस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन प्रतिवर्ष लगभग 11 लाख रुपये खर्च करता है। आरोप है कि मेंटेनेंस कार्यों के समन्वय के साथ विभागीय पत्राचार और प्रशासनिक फाइलों का काम भी यही व्यक्ति देखता है। विभागाध्यक्ष की ओर से कॉलेज प्रशासन को भेजे जाने वाले कई पत्र भी उसी के माध्यम से तैयार किए जाते हैं।
स्टिंग के दौरान उसने बताया कि विभागाध्यक्ष ने उसे विभाग से संबद्ध रखने के लिए प्राचार्य को पत्र लिखा था। उसने यह भी कहा कि वह वर्ष 2015 से विभाग में कार्य कर रहा है तथा बीच में कुछ समय का अंतराल आने के बाद विभागाध्यक्ष के कहने पर फिर से काम पर लौट आया। इस संबंध में विभागाध्यक्ष डॉक्टर रूपेश चौधरी से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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स्टिंग में बातचीत के प्रमुख अंश

रिपोर्टर : यहां क्या काम करते हैं?
बाहरी व्यक्ति : विभाग का पूरा पेपर वर्क और अन्य काम देखता हूं।

रिपोर्टर : क्या किसी एजेंसी के कर्मचारी हैं?
बाहरी व्यक्ति : नहीं, सर (विभागाध्यक्ष) ने रखा है। उन्होंने प्रिंसिपल को विभाग में अटैच कराने के लिए लिखा है।
रिपोर्टर : कब से काम कर रहे हैं?
बाहरी व्यक्ति : वर्ष 2015 से। बीच में कुछ समय का ब्रेक था, फिर सर के कहने पर वापस आ गया।

शिकायत पेटिका भी बेअसर
ओटी ब्लॉक में शिकायत पेटिका तो लगी है लेकिन वह लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी है। पेटिका का ताला टूटा होने के कारण उसमें शिकायतें सुरक्षित नहीं रह सकतीं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार पिछले एक वर्ष में उसके माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

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मामला गंभीर है। औचक निरीक्षण कराया जाएगा। यदि कोई बाहरी व्यक्ति विभागीय कार्य करते मिला तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागाध्यक्ष से भी जवाब-तलब किया जाएगा कि बाहरी व्यक्ति से कार्य क्यों कराया जा रहा है। - डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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