निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने लिपिकों के पर्चे बनाने व मरीज देखने के बजाय आयुष चिकित्सक के बिल का काम करने के मामले में सीएमओ से जवाब-तलब किया है।
निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने लिपिकों के पर्चे बनाने व मरीज देखने के बजाय आयुष चिकित्सक के बिल का काम करने के मामले में सीएमओ से जवाब-तलब किया है। निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि वह सुस्पष्ट आख्या महानिदेशक को तत्काल उपलब्ध कराएं। इससे बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा रहा।
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अमर उजाला में 10 फरवरी के अंक में ‘लिपिक बना रहे पर्चे, आयुष डॉक्टर देख रहे बिलों का काम’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें बताया गया कि अफसरों की ढिलाई से पीएचसी पर कनिष्ट लिपिक कभी पर्चे बनाते हैं तो कभी दवा बांटते हैं। वहीं, सीएचसी पर लिपिक का काम फील्ड कर्मी यानी हेल्थ सुपरवाइजर से कराया जा रहा है।
खबर प्रकाशित होने पर निदेशक ने सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय को पत्र लिखकर लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों के संबंध में आख्या तत्काल प्रभाव से महानिदेशक को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसके साथ ही लिपिकों के कार्य एवं दायित्वों क्रियान्वयन कराते हुए कार्यवाही से अवगत कराने के लिए कहा है। निदेशक का पत्र आने से सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। इसे लेकर सीएमओ कार्यालय में अधीनस्थ फाइलों को पलटते रहे।