झांसी। जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए करीब पांच माह पहले तैयार किया गया डे-केयर सेंटर अब तक शुरू नहीं हो सका है। सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण देने के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं लेकिन कीमोथेरेपी समेत कैंसर उपचार की दवाएं उपलब्ध न होने से सेंटर पर अब तक ताला लटका है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद फरवरी 2026 में प्रदेश के 64 जिलों में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित करने की योजना के तहत झांसी जिला अस्पताल में भी सेंटर तैयार किया गया। यहां कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी और उपचार से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं।
सेंटर के संचालन के लिए डॉ. केपी सिंह, डॉ. मिथलेश सिंह, डॉ. दुष्यंत, डॉ. वीरेंद्र, डॉ. अविनाश और नर्सिंग अधिकारी मेविस मैक्सवैल को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कीमोथेरेपी देने की प्रक्रिया, संभावित दुष्प्रभाव और उनके प्रबंधन की जानकारी दी गई। सेंटर में तीन बेड तथा दवाओं के सुरक्षित रखरखाव सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। अप्रैल में प्रशिक्षित डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी भी तय कर दी गई, लेकिन दवाओं की आपूर्ति नहीं होने से सेंटर शुरू नहीं हो पाया।
अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि सेंटर पूरी तरह तैयार है, लेकिन कीमोथेरेपी और अन्य आवश्यक दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों का उपचार शुरू नहीं किया जा सकता। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन (यूपीएमएससीएल) के वेयरहाउस से अभी तक कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की आपूर्ति नहीं हो सकी है।
एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि डे-केयर सेंटर संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी भी निर्धारित की जा चुकी है। कैंसर उपचार में प्रयुक्त दवाएं उपलब्ध होते ही सेंटर का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।