जनपद के मुख्य बांधों से जुड़े लोगों को इस साल पीने के पानी की समस्या का सामना नहीं करना होगा। इस बार बांधों में पीने के लिए पर्याप्त पानी है। यही कारण है कि किसानों की मांग पर नहरों को बीस मार्च तक चलाया गया। सभी नहरों में निर्धारित रोस्टर से अधिक पानी दिया गया।
वैसे जनपद वासी माताटीला, पारीछा, पहूज, सपरार, डोंगरी व बड़वार बांध के पानी का उपयोग करते हैं, लेकिन अधिकतर आबादी माताटीला पर निर्भर है। इस बांध से झांसी शहर, बबीना, तालबेहट आदि आस पास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। अन्य बांधों से भी आस पास के क्षेत्रों को पानी मिलता है। पिछले साल पर्याप्त बरसात होने से इस बार बांधों में जल स्तर अच्छा है। इसके चलते सभी नहरों में निर्धारित रोस्टर से अधिक पानी दिया गया। कुल मिलाकर बांधों में इतना पानी है कि पूरी गर्मी आराम से गुजर जाएगी। वहीं, 15 मई से दो सप्ताह तक नहरें चलाकर तालाब और पोखरों को भरा जाएगा, ताकि जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके। मालूम हो कि, जनपद में 166 तालाब और पोखर है।
‘गर्मियों में सबसे अधिक सपरार बांध का जल स्तर गिरने से मऊरानीपुर क्षेत्र में जल संकट खड़ा हो जाता था। इस कारण संबंधित क्षेत्र की जलापूर्ति एक समय करनी पड़ती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इस बार सपरार बांध में पीने के लिए पर्याप्त पानी है।’
हर्षेंद्र गुप्ता,
अधिशासी अभियंता, सपरार प्रखंड झांसी।