संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। विदेशी धरती पर वाहन दौड़ाने का क्रेज झांसी में बढ़ा है। परिवहन विभाग से पिछले दो सालों में 111 लोगों ने अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया है। इसमें 97 पुरुष और 14 महिलाएं हैं। लाइसेंसधारियों में ज्यादातर पढ़ने वाले और विदेश घूमने वाले युवा हैं।
युवाओं में इस समय अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का क्रेज है। विदेश में पढ़ाई, नौकरी और घूमने जाने वाले युवा लाइसेंस बनवाने के लिए बड़ी संख्या में परिवहन विभाग के कार्यालय पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 426 लोगों को अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस पर अंकित जानकारी संबंधित देश की भाषा में परिवर्तित कर दिया जाता है। घूमने जाने वाले लोगों को विदेश में ड्राइविंग के लिए कार तभी मिल सकती है, जब उनके पास अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस हो।
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15 देशों में मान्य होता है यह लाइसेंस
यहां से जारी अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जर्मनी, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, इटली, नार्वे, फिनलैंड, भूटान, कनाडा सहित 15 देशों में मान्य होता है। यह एक साल तक के लिए मान्य रहता है। लाइसेंसधारी को इसे फिर से नवीनीकरण कराना पड़ता है।
लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया
परिवहन विभाग में अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उसका पहले से ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी होता है। इसके साथ ही यह बताना होता है कि किस देश में कितने समय के लिए लाइसेंस चाहिए। वैध ड्राइविंग लाइसेंस की प्रति, पासपोर्ट की प्रति, वीजा की प्रति के साथ निर्धारित शुल्क एक हजार रुपये जमा करना होता है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवहन विभाग यह लाइसेंस जारी करता है।
वर्जन
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों की संख्या बढ़ी है। पहले कम आवेदन आते थे। अब हर साल 50 से अधिक लाइसेंस बन रहे हैं। पिछले दो साल में 111 लोगों ने यह लाइसेंस प्राप्त किया है। - डॉ. सुदीप सिंह, एआरटीओ प्रशासन