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Jhansi News: स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली, चिकित्सकों के आधे पद खाली

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। स्वास्थ्य महकमा डॉक्टरों की जबरदस्त कमी से जूझ रहा है। हाल ये है कि सीएमओ के अधीन सृजित चिकित्सकों के पदों में से 47 फीसदी रिक्त हैं। 70 किलोमीटर तक दूर के मरीज सीएचसी पर विशेषज्ञ तैनात न होने से इलाज कराने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज आते हैं। सबसे ज्यादा कमी फिजीशियन और जनरल सर्जन की है।

जनपद में चिरगांव, बामौर, बंगरा, बड़ागांव, बबीना, मऊरानीपुर, मोंठ और गुरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। बबीना, मऊरानीपुर, मोंठ और गुरसराय सीएचसी फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) हैं। यहां सिजेरियन प्रसव होता है, इनमें से मोंठ सीएचसी में एक सर्जन होने के बावजूद तीन निश्चेतक की तैनाती है। जबकि, महिला अस्पताल में कोई भी निश्चेतक नहीं है। ऐसे में तीन-तीन दिन के लिए यहां निश्चेतकों की ड्यूटी लगाई जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े देखें तो सीएमओ के अधीन जनपद में चिकित्सकों के 155 पद सृजित हैं। इसके मुकाबले 81 डॉक्टर कार्यरत हैं, इसमें नियमित के अलावा एनएचएम और वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्त चिकित्सक भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 83 फीसदी पद फिजीशियन के रिक्त हैं। इसी तरह 64 फीसदी पद जनरल सर्जन, 50-50 फीसदी पद स्त्री रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक, 25 प्रतिशत पद बाल रोग विशेषज्ञ के खाली हैं।

इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की भी अच्छी खासी कमी है। इनके 37 फीसदी पद रिक्त हैं। सिर्फ हड्डी रोग विशेषज्ञ और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट ही शत-प्रतिशत तैनात हैं। जबकि, एक पद के मुकाबले चार नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। शिक्षकों की कमी की वजह से मरीजों को उपचार कराने में परेशानी हो रही है।



झांसी नगर से गुरसराय करीब 70 किलोमीटर दूर है। ऐसे में वहां के मरीजों को भी चिकित्सक का अभाव होने पर इलाज कराने झांसी के जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या फिर निजी अस्पताल आना पड़ता है। अन्य ब्लॉकों के कई मरीज भी झांसी उपचार कराने आते हैं।
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अर्बन पीएचसी पर तैनात कर दिए विशेषज्ञ



अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञों की तैनाती कर दी गई है। कहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात हैं तो कहीं बाल रोग विशेषज्ञ। ये हाल तब है जब सीएचसी स्तर पर विशेषज्ञों की कमी है। जानकारों का कहना है कि यहां पर एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए। विशेषज्ञों की ड्यूटी पोस्टमार्टम कराने में भी लगाई जाती है। ये मेडिकोलीगल भी बनाते हैं।

ये है स्थिति



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विशेषज्ञता स्वीकृत रिक्त



स्त्री रोग विशेषज्ञ 12 6

निश्चेतक 14 7



बालरोग विशेषज्ञ 12 3

जनरल सर्जन 14 9



फिजीशियन 12 10

ईएमओ 87 33



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वर्जन..



वॉक इन इंटरव्यू के जरिये डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा शासन स्तर से भी लगातार डॉक्टरों की नियुक्ति हो रही है।

- डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।
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