झांसी। दूल्हा सेहरा बांधकर तैयार था। रिश्तेदार भी सज धजकर पहुंच गए थे। दूल्हे को लेकर जाने वाली कार भी दरवाजे पर खड़ी थी। परिवार की महिलाएं भी बन्ना गा रहीं थीं। हर तरफ खुशी का माहौल था। लेकिन दूल्हे के पास अचानक पहुंची एक फोन क़ॉल ने सारी खुशियों पर पानी फेर दिया। यह फोन था उस लड़की की बहन का जिससे शादी होने जा रही थी। फोन पर बताया गया कि लड़की ने शादी करने से इंकार कर दिया है। बस फिर क्या था। हर कोई बेचैन हो गया। दूल्हा और उसके परिवार वाले कोतवाली पहुंच गए। दूल्हे का आरोप था कि लड़की ने सोने का हार न मिलने के कारण शादी से इंकार किया है। खैर दोनों पक्षों में सुलह-समझौता के लिए देर-रात तक पंचायत चलती रही।
बाहर ओरछा गेट के ताड़ीपुरा मोहल्ला निवासी युवक की शादी तालपुरा निवासी युवती से तय थी। लड़का और लड़की दोनों दिव्यांग हैं। युवक पांव से जबकि लड़की आंखों से कमजोर है। युवक मोटर बाइडिंग का काम करता है। युवती की पढ़ाई दो साल पहले पूरी हो चुकी। परिजनों के मुताबिक बुधवार को शादी होनी थी। मंगलवार को कन्या पक्ष ने तिलक भी चढ़ा दिया। आज शाम करीब पांच बजे तमाम रस्म पूरी करने के बाद युवक दूल्हा बना और अपने नाते रिश्तेदारों के साथ बरात लेकर चलने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान दूल्हे को फोन करके दुल्हन की बहन ने बरात लाने से मना कर दिया। पहले दूल्हे ने इसे मजाक समझा। कुछ देर बाद दुल्हन के भाई ने भी कहा कि बरात मत लाना। दूल्हे ने दुल्हन से बात करने की कोशिश की लेकिन परिजनों ने बात कराने से मना कर दिया। दुल्हन के फैसले के बारे में मालूम चलने पर घर में मायूसी छा गई। नाराज दूल्हा बरातियों संग कोतवाली पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि सोने के हार की मांग पूरी न करने से लड़की ने इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय का कहना है कि दूल्हे की ओर से शिकायती पत्र मिला है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है। उनके बीच समझौता कराने की कोशिश की जा रही है।