बाबुओं की कमी झेल रहे रेल मंडल को 52 नए कामर्शियल क्लर्क मिल गए हैं। इन क्लर्क की तैनाती अलग-अलग स्टेशनों पर की जाएगी। अभी, इन कर्मचारियों को चंदौसी ट्रेनिंग सेंटर से परिणाम आने तक प्रशिक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
रेलवे के वाणिज्य विभाग में बाबुओं की अहम भूमिका होती हैं। रेल मंडल में 167 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों की मांग के अनुरूप वर्षों पुराने 375 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 73 पद खाली चल रहे हैं। इन कर्मचारियों से पार्सल, मालगोदाम, बुकिंग व कार्यालय में काम कराया जाता है। बीते रोज छह और कर्मचारियों की संख्या सेवानिवृत्ति के कारण कम हो गई है। बढ़ते काम के हिसाब से मांग के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या होना आवश्यक है। इसी तरह अन्य विभागों में कर्मचारियों की कमी चल रही है। हाल में ही मंडल प्रशासन ने खाली चल रहे 2857 रिक्तियों को भरने हेतु आरआरबी को इंडेंट भेजा था। इनमें वाणिज्य विभाग के बाबुओं के खाली पद भी शामिल थे। रेलवे बोर्ड ने इस हफ्ते नई भर्ती के 52 कामर्शियल क्लर्क को चंदौसी से ट्रेनिंग के बाद झांसी भेज दिया है। चंदौसी ट्रेनिंग का परिणाम आने तक इन कर्मचारियों को झांसी, ललितपुर, डबरा, ग्वालियर, दतिया, बांदा, मानिकपुर आदि स्टेशनों पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए भेजा गया है।
आरपीएफ को मिले 72 नए रंगरूट
झांसी। आरपीएफ को 72 नए जवान मिल गए हैं। इन जवानों को अलग-अलग पोस्टों पर प्रशिक्षण के लिए तैनात कर दिया गया है। जवानों को जल्द ही पटरियों की पेट्रोलिंग, ट्रेन स्क्वाएड आदि कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा। मालूम हो कि अभी झांसी रेल मंडल के पास आठ सौ जवान हैं। जबकि 154 जवानों की रिक्तियां खाली चल रही हैं।