संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। कांशीराम कॉलोनी के निकट रविवार रात सड़क पर भालू को जाते देख लोगों ने उसका पीछा किया। उसने पहले झाड़ियों में छिपने की कोशिश की, लेकिन भीड़ को आता देख कोतवाली के सामने एक धार्मिक स्थल के बाथरूम में छिप गया। पीछा कर रहे लोगों ने शौचालय का दरवाजा बाहर से बंद कर अधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर में एसडीएम सहित वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुबह करीब 4.20 बजे उसे पिंजड़े में कैद किया जा सका। दहशत के चलते सारी रात लोग सड़कों पर नजर आए।
रात करीब 10 बजे कांशीराम कॉलोनी के लोगों ने काले रंग का विशाल भालू देखा तो उसका पीछा करना शुरू कर दिया। भालू के झाड़ियों में छिपने पर लोगों ने इसमें आग लगा दी। वहां से निकल कर भालू कोतवाली की ओर दौड़ने लगा। उसे भागता देख दहशतजदा लोग चिल्लाते हुए उसका पीछा करते कोतवाली के निकट पहुंचे। यहां प्रभारी निरीक्षक के आवास के पीछे एक धार्मिक स्थल के बाथरूम में भालू घुस गया तो मौका देख लोगों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। कुछ देर बाद वन विभाग के रेंजर आए और हालात जानने के बाद अफसरों को खबर की।
रात करीब 12 बजे एसडीएम निशांत तिवारी मौके पर पहुंचे और भालू पकड़वाने के लिए डीएफओ से टीम भेजने को कहा। डीएफओ गौतम सिंह रात करीब एक बजे पहुंचे और रेस्क्यू कर भालू को पिंजड़ा में बंद करने के निर्देश दिए। टीम के साथ पहुंचीं एसडीओ शिरीन सिद्दकी ने रात करीब ढाई बजे रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन बालू कहीं हमलावर न हो जाए, इसलिए फूंक फूंक कर कदम आगे बढ़ाए। पिंजड़ा रखकर जैसे ही शौचालय का दरवाजा खोला, भालू इसमें कैद हो गया। अधिकारियों ने राहत की सांस ली। डीएफओ ने पिंजड़ा सहित भालू को जिला मुख्यालय भेज दिया।
अटकी रहीं सांसें
रात में भालू के आने की दहशत के चलते कांशीराम कॉलोनी और उसके आसपास के लोगों में रात में बाहर सोने के कारण काफी दहशत रही। लोग पूरी रात इस कार्रवाई को देखते रहे।
घटनाक्रम:
रात 10 बजे: कांशीराम कॉलोनी के लोगों ने सड़क पर भालू को देखा।
रात 10.30 बजे: भालू झाड़ियों में छिपा तो लोगों ने झाड़ियों में आग लगा दी।
रात 10.45 बजे: भालू को धार्मिक स्थल के बाथरूम में बंद कर अधिकारियों को सूचना दी।
रात 12.20 बजे: वन विभाग के रेंजर प्रभू दयाल यादव आए।
रात 12.30 बजे: एसडीएम निशांत तिवारी मौके पर पहुंचे।
रात 1.00 बजे: डीएफओ मौके पर पहुंचे और जायजा लिया।
रात 1.55 बजे: एसडीओ शिरीन सिद्दीकी टीम सहित पहुंचीं।
रात 2.30 बजे: भालू का रेस्क्यू शुरू।
रात: 4.20 बजे: भालू पिंजड़ा में कैद, रेस्क्यू समाप्त।
भालू एक सामाजिक प्राणी है, जो सामान्यतया समूह में निकलता है। ऐसी स्थिति में लोगों को कुछ दिन सतर्कता बरतनी होगी। हो सकता है उसके साथ कोई दूसरा साथी हो।-निशांत तिवारी, एसडीएम
लाइन सफारी से चिकित्सकों की टीम आ रही है। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा कि उसे कहां छोड़ा जाए। टीम ही बताएगी कि वह इतनी दूर से कैसे पहुंचा। प्रथमदृष्टया यह भटकाव का मामला नजर आता है।-डॉ. शिरीन सिद्दकी, एसडीओ वन विभाग