संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पांच माह पहले पूर्व शासकीय अधिवक्ता की हत्या के मामले में नामजद आरोपी की जमानत याचिका जिला न्यायालय ने खारिज कर दी। अभी आरोपी को जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पांच अगस्त 2025 को तालपुरा इलाके में रहने वाले पूर्व शासकीय अधिवक्ता भानुप्रताप सिरवइयां की हत्या हो गई थी। उनका शव घर के दरवाजे पर ही पड़ा मिला था। मृतक के दामाद जितेन्द्र वर्मा ने नवाबाद थाने में तहरीर दी थी। भानुप्रताप के पड़ोस में रहने वाले आरोपी सचिन वर्मा के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। शुक्रवार को आरोपी के वकील की ओर से जमानत की अर्जी लगाई गई। जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) मृदुलकांत श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि सचिन वर्मा आपराधिक प्रवृति का है। उसने ही पूर्व शासकीय अधिवक्ता भानुप्रताप की हत्या की है। इसके साक्ष्य भी हैं। अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाह व साक्ष्यों को प्रभावित करेगा। इस आधार पर प्रभारी सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव की अदालत ने आरोपी सचिन वर्मा निवासी तालपुरा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
गला दबाकर हत्या करने का आरोप : आरोपी सचिन वर्मा पर एक लड़की को भगा ले जाने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सचिन की ओर से भानु प्रताप अधिवक्ता थे। रुपयों के लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। इसी को लेकर उसने गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए मृतक के पैर बांध दिए थे। मृतक की पत्नी समेत अन्य लोगों ने गवाह दी थी।