संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। गर्मियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इन्हें रोकने के लिए वन विभाग एडवांस फायर अलार्म सिस्टम के जरिए निगरानी करता है। वन क्षेत्र में आग की घटना का उन्हें चंद सेकेंड में अलर्ट मिल जाता है। इसके बाद वन विभाग की टीम माैजूद संसाधनों की मदद से आग बुझाने के लिए निकल पड़ती है।
आठ ब्लॉक के लगभग 5,024 वर्ग किलोमीटर में वन क्षेत्र फैला हुआ है। वन में आग लगने का पहला मुख्य कारण कारण पत्तों का घर्षण होता है। वहीं पराली या आसपास के क्षेत्र में आग लगाने के कारण यह आग जंगलों तक पहुंच जाती है। इस संबंध में वनाधिकारी जयंत शेंडे ने बताया कि उनके वन क्षेत्र में आग की घटना का सेटेलाइट के जरिए निगरानी की जाती है। आग लगने पर एडवांस फायर अलार्म सिस्टम संबंधित विभाग के अधिकारी के मोबाइल पर चिह्नित स्थान का अलर्ट भेज देता है। आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग की टीम भी वन क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर निगरानी करती है।