झांसी। आठ वर्ष पूर्व अबोध बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिया की 5 साल की पुत्री घर के बाहर खेल रही थी तभी बाहर बड़ागांव गेट निवासी प्रमोद कुशवाहा बुरी नीयत से साथ ले गया और अश्लील हरकतें करने लगा। उसकी पुत्री के चिल्लाने पर आसपास के लोगों के आ जाने के कारण पीड़िता को घर के बाहर छोड़ गया। पूछने पर बच्ची ने बताया कि अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 11 जनवरी 2016 को दिए गए प्रार्थनापत्र पर आदेश से मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा मामले में अंतिम आख्या लगा दी गई, जिसे न्यायालय ने 10 मई 2024 को निरस्त कर अभियुक्त प्रमोद कुशवाहा को तलब कर लिया। आठ नवंबर 2024 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत जमानत अर्जी कोर्ट ने निरस्त कर दी। संवाद