अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। थैलेसीमिया को असाध्य रोग की सूची में शामिल करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। प्रदेश के विशेष सचिव ने चिकित्सा विवि, उच्च चिकित्सा शिक्षण संस्थान व कॉलेजों से विचार मांगे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जल्द थैलेसीमिया असाध्य रोग की सूची में आएगा तो रोगी को पूरा इलाज नि:शुल्क होगा। वहीं, झांसी मेडिकल कॉलेज में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 86 रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।
प्रदेश में असाध्य रोगों की नि:शुल्क उपचार योजना में थैलेसीमिया को शामिल करने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे, जो अब धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने 29 मई को प्रदेश के स्वास्थ्य विवि, उच्च चिकित्सा संस्थान व मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है। कहा गया है कि थैलेसीमिया इंडिया सोसाइटी लखनऊ अध्यक्ष ने 15 मई को असाध्य रोगों के नि:शुल्क उपचार की सूची में थैलेसीमिया को शामिल करने के लिए कहा गया है। विशेष सचिव ने इसके लिए सभी से विचार मांगे हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार करीब 86 थैलेसीमिया के रोगियों का उपचार किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया आज थैलेसीमिया को असाध्य रोग की सूची में शामिल करने का पत्र आया है। मगर मेडिकल कॉलेज में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत थैलेसीमिया रोगियों को नि:शुल्क दवा, ल्यूकोफिल्टर आदि मुहैया कराई जा रही है।